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सिंचाई विभाग ने खनन रोकने के लिए खोदी थी खाई, माफिया ने बंद कर दी

6 वर्ष पहले
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ताजेवालाकेसमीप लाल टोपी घाट पर अवैध खनन रोकने के लिए प्रशासन द्वारा खोदी गई खाइयां माफिया ने मिट्टी डाल कर फिर से बंद कर दी है। बेखौफ खनन माफिया फिर से यमुना नदी में सक्रीय हो गया है। नदी से रेत निकाल कर ताजेवाला के निकट स्टाक जमा किया जा रहा है। इस स्टॉक पर भी प्रशासन कोई भी कार्रवाई नहीं कर रहा है। प्रशासन की इसी दरयादिली का खनन माफिया फायदा उठा रहा है।

यमुना नदी में सक्रीय अवैध खनन माफिया प्रशासन पर भारी पड़ता दिख रहा है। चार दिन पूर्व ताजेवाला के लाल टोपी घाट के निकट प्रशासन ने खाइयां खोद कर नदी की तरफ जाने वाले वाहनों को रोक दिया गया था। प्रशासनिक कार्रवाई को ठेंगा दिखाते हुए अवैध खनन माफिया ने नदी की तरफ जाने वाले रास्ते को फिर से चालू कर लिया गया है। रास्ते में खोदी गई खाई को अर्थमूवर मशीन से मिट्टी डाल कर बंद कर दिया गया है।

बढिय़ारेत के लिए मशहूर है लाल टोपी घाट : लालटोपी घाट एरिया बढिय़ा रेत के लिए जाना जाता है। इस रेत के बाजार में रेट भी अधिक मिलते हैं। उक्त एरिया में अच्छी किस्म की नीली रेत भारी मात्रा में उपलब्ध हैं। अर्थमूवर मशीनों द्वारा खुदाई कर ट्रैक्टर ट्रॉलियों से रेत निकाल कर नदी किनारे लगते खेतों में स्टाक जमा कर लिया जाता है। फिर रेत को ट्रकों में भर कर बाहर भेजा जाता है। ताजेवाला के आस-पास के दर्जनों गांवों के सैकड़ों ट्रैक्टर रेत के धंधे में लिप्त है।

येरास्ता हो यूपी की साइड में जाता है : खननअधिकारी नीरज कुमार का कहना है कि सिंचाई विभाग ने अवैध खनन रोकने के लिए खाई खोदी थी। वे इस वक्त लघुसचिवालय में मीटिंग में है। वहां से निकलकर इस मामले को जाकर देखेंगे।

खिज़राबाद. मिट्टीडाल कर बंद की गई खाई।