मछली पालन कर कमाएं मुनाफा : एसडीएम
कोसली| एसडीएमनिर्मल नागर ने कहा कि कोसली आस-पास के किसानों की मछली बीज की मांग को पूरा करने के लिए सरकार द्वारा गांव लिसान में मछली बीज फॉर्म स्थापित किया गया है। इसके द्वारा किसानों की मछली बीज की आपूर्ति की जाती है। एसडीएम ने कहा कि नील क्रांति का सूचक मछली पालन कमाई का अच्छा साधन है और किसान विशेषकर जल ग्रस्त भूमि में मत्स्य पालन व्यवसाय कर अच्छी आमदनी कमा सकते हैं।
मत्स्य विभाग द्वारा तालाब बनाने के लिए अनुदान उपलब्ध करवाया जाता है और मछली पालन हेतु पट्टे पर दिलवाए गए तालाबों पर प्रथम वर्ष के दौरान पट्टा राशि पर 50 प्रतिशत वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाती है, जिसकी अधिकतम सीमा 20 हजार रुपए है। इसके अतिरिक्त मत्स्य विभाग द्वारा मछली पालन की परचून बिक्री हेतु साइकिल आइस बाक्स खरीदने पर भी वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। जो व्यक्ति मछली पालन का कार्य करना चाहता है उसे विभाग की तरफ से 10 दिन का प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है और इस अवधि के दौरान प्रशिक्षण भत्ता भी दिया जाता है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे अपनी ऐसी भूमि जहां पर पानी भरा रहता है और फसल की बुआई नहीं हो पाती वहां मछली पालन का कार्य अवश्य करें। यदि कोई किसान स्वयं यह कार्य नहीं करना चाहता हो तो वह अपनी जल ग्रस्त भूमि किसी मछली पालक को पट्टे पर दे सकता है। इससे भूमि का सदुपयोग होगा किसान की आर्थिक स्थिति भी मजबूत बनेगी।