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माह में 22 हाजिरी रेगुलर प्रशिक्षण, फिर स्कॉलरशिप

6 वर्ष पहले
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अबखिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने में खानापूर्ति नहीं चलेगी। हर जिला में खेलों के लिए अलग-अलग विंग तैयार की जाएगी। खिलाड़ियों को नियमित रूप से कोच द्वारा ही प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्पैट (स्पोर्ट्स एंड फिजिकल अप्टीट्यूड टेस्ट) से स्पीड (स्पोर्ट्स एंड फिजीकल एक्सरसाइज इवेल्यूएशन एंड डेवलपमेंट) हुई खिलाड़ियों का टैलेंट निखारने की इस योजना के तहत खिलाड़ी को महीने में 22 दिन प्रशिक्षक के पास नियमित अभ्यास करना होगा। इसके बाद ही खिलाड़ियों को स्कॉलरशिप की राशि मिल सकेगी। वहीं स्कॉलरशिप की राशि में भी इस बार इजाफा किया गया है। स्पीड का द्वितीय चरण आज ही से शुरू हो रहा है।

स्पीड में टेस्ट पास करने वाले खिलाड़ियों के लिए प्रदेश के सभी जिलों में विंग तैयार किए जाएंगे। ये विंग हर खेल के लिए अलग-अलग तैयार होंगे। जैसे फुटबॉल, वालीबॉल, एथलेटिक्स या फिर अन्य खेल के खिलाड़ियों का 15 से 20 या अधिक का समूह तैयार कर लिया जाएगा। विंग तैयार होने के बाद नियमित रूप से खिलाड़ियों को विभाग के कोच द्वारा ही प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहां तक कि खिलाड़ी की रोज की हाजिरी तक भी कोच द्वारा लगाई जाएगी। खिलाड़ियों को महीने में कम से कम 22 दिन प्रशिक्षण पर पहुंचना है। प्रशिक्षण द्वारा हाजिरी का नियम इस बार ही लागू किया गया है। गत वर्ष तक इस योजना में स्कॉलरशिप के लिए चयनित खिलाड़ी की हाजिरी उस स्कूल के पीटीआई द्वारा ही लगाई जाती थी तथा प्राचार्य के माध्यम से हाजिरी विभाग को भेज दी जाती थी।

कोच किए जाएंगे हायर

स्पीडयोजना के बाद उनके नियमित अभ्यास के लिए विभाग द्वारा जरूरत के हिसाब से कोच भी हायर किए जाने की तैयारी है। खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए जिला के सभी ब्लॉक के गांवों या कस्बों में राजीव गांधी खेल परिसर बनाए गए हैं। इनमें कोसली, गुरावड़ा, मनेठी, पांचौर धारूहेड़ा में राजीव गांधी खेल परिसर बनाए गए हैं। वहीं जिला मुख्यालय पर राव तुलाराम स्टेडियम है।

अब 2500 3 हजार होगी राशि

स्पीडमें दो वर्गों में खिलाड़ी भाग लेते हैं। इनमें 8 से 14 तथा दूसरा वर्ग 15 से 19 आयुवर्ग होता है। दोनों ही वर्गों के खिलाड़ियों के लिए इस बार स्कॉलरशिप राशि में भी बढ़ोतरी की गई है। पहले वर्ग की 1500 से बढ़ाकर 2500 तथा दूसरे में 2 हजार से बढ़ाकर 3 हजार रुपए स्कॉलरशिप राशि कर दी गई है।

पिछले साल से साढ़े 4 हजार खिलाड़ी अधिक

हरियाणासरकार की नई खेल नीति में खिलाड़ियों की प्रतिभा को उभारने की योजना को स्पीड नाम दिया गया है। योजना के तहत प्रथम चरण के स्कूल राउंड पूरे हो चुके हैं। अब खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग की ओर से 9 फरवरी से द्वितीय चरण के टेस्ट आयोजित किए जाएंगे। इसमें जिलाभर से करीब 42700 खिलाड़ी दमखम दिखाते हुए अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाएंगे। गत वर्ष की तुलना में खिलाड़ियों की यह संख्या साढ़े 4 हजार से ज्यादा है। पिछली बार जिला से 38 हजार खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इसमें द्वितीय चरण 7 हजार खिलाड़ियों ने पास किया तथा 127 बच्चों ने स्कॉलरशिप के लिए तृतीय चरण पार किया।

ये 6 टेस्ट करने होंगे पास

खिलाड़ियोंको द्वितीय चरण में 6 टेस्ट पास करने होंगे। इसमें 30 मीटर फ्लाइंग रन, स्टैंडिंग ब्रॉड जंप, मेडिसन बॉल, 6 गुणा 10 मीटर शटल रन, फॉरवर्ड बैंड एंड रिच तथा 800 मीटर दौड़ शामिल है। वहीं थर्ड राउंड में एक टेस्ट और बढ़ा दिया जाएगा।

^द्वितीय चरण के लिए दूसरे जिलों से 20 प्रशिक्षकों की टीम बुलाई गई है जो खिलाड़ियों की प्रतिभा का अवलोकन करेंगे। स्पीड योजना खिलाड़ियों की नर्सरी तैयार करने वाली स्कीम है। इसमें देखा जाता है कि उसमें खिलाडी बनने की क्षमता है या नहीं। इसके बाद स्कॉलरशिप खेलों में रुझान बढ़ाने तथा उसे तैयारी का अवसर मुहैया कराने के लिए दी जाती है। -रमेशजांगड़ा, जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी, रेवाड़ी।

रेवाड़ी. आजसे होगा स्पीड का द्वितीय चरण शुरू। (फाइल फोटो)