झज्जर में जाम से निजात, आवागमन बहाल
कुंडलीमानेसर पलवल यानी के एमपीपी पर गोवंश के अवशेष मिलने और इसके बाद इनके आरोपियों को पकड़े जाने की मांग को लेकर झज्जर जिले में विरोध की लहर दौड़ गई है। झज्जर के चारो मार्ग जाम किए जाने से लोगों को परेशानी रही। वहीं पुलिस प्रशासन मौके की स्थिति से निपटने के लिए कार्य योजना बनाने में जुटा रहा। इसके विरोध में शहर में जुलूस निकाला गया। वहीं शाम होते होते गौभक्तों ने जाम खोल दिया जिससे यातायात बहाल हो सका और लोगों को राहत मिली। बादली में अभी भी तनाव बरकरार है।
बता दें कि क्षेत्र में गोकशी के मामले प्रकाश में आने की घटनाओं देखते हुए गो भक्तों में रोष बढ़ रहा है। हाल ही में गोवंश के अवशेष मिलने पर इस मामले में कुछ ज्यादा ही तूल पकड़ लिया। शनिवार के बाद रविवार को यह मामला कुछ और अधिक बढ़ गया। गो भक्तों की टीम रविवार को सड़क पर उतर आई। लिहाजा झज्जर से गुड़गांव, रेवाड़ी, कोसली, बहादुरगढ़ सहित अन्य मार्ग की तरफ जाने वाले मार्ग बंद कर दिए गए। विरोध करने वाले लोगों का कहना है कि गो तस्कर बेखौफ हो गए हैं। इनपर कानून की लगाम लगनी चाहिए। तस्करी में शामिल लोग अब गाए को मारकर उनकी खाल मास उतार कर ले जाते हैं, लेकिन उसके बाद उनका कोई सुराग नहीं चलता है। इसके विरोध में आरोपियों की गिरफ्तारी गोकशी पर रोक के लिए क्षेत्र के लोग सड़क पर पेड़ अवरोध लगाकर मार्ग बंद करने पर जुटे हुए है।
बसस्टैंड पर बस आई और गई
धार्मिकभावना की आड़ में असामाजिक या राजनीतिक लोग इसका फायदा उठा ले। चुनावी मौसम में प्रशासन इस बात को लेकर काफी सख्त है। आमतौर असामाजिक लोग सरकारी बसों को ही निशाना बनाते हैं, इसे देखते हुए बस स्टैंड पर तो कोई बस आई और ही गई, जो बस सुबह-सुबह जैसे-जैसे आई। वे फिर बस स्टैंड पर ही आकर रुक गई। इसके बाद समूचा शहर की रफ्तार थम गई।
बस स्टैंड से बसे चलने के कारण यात्रियों का बुरा हाल रहा। काफी यात्री बस स्टैंड पर ही बसों के चलने का इंतजार करते रहे। जबकि कुछ स्थिति को देखते हुए अपने घर वापस निकल गए। हालांकि बस चलने के कारण कुछ मैक्सी कैब उन लोकल रूटों पर चली, जिन रास्तों पर जाम की स्थिति नहीं थी। इसके बावजूद जिस किसी को जिले की बिगड़ती स्थिति के बारे में पता चला। उन्होंने आने-जाने का कार्यक्रम बदल दिया।
जिले की भौगोलिक स्थिति कुछ इस प्रकार है कि यहां से काफी ऐसे मार्ग हैं जो गुड