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ट्रेनें रद्द, हिसार वाले यात्री बस से रोहतक गए, भिवानी वाले झज्जर

5 वर्ष पहले
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जाट आरक्षण मुद्दे को लेकर हिसार के मय्यड़ में शुरू हुए आंदोलन का असर रेवाड़ी पर भी पड़ा। शनिवार को हिसार के लिए चलनी वाली सभी गाड़ियां रद्द कर दी गईं। रूट पर केवल 3 गाड़ियों का संचालन हुआ, वो भी भिवानी तक। बाकी गाड़ियाें के रैक शुक्रवार को वापस नहीं पाने के कारण, गाड़ियों को रद्द करना पड़ा। 10 हजार से ज्यादा यात्री प्रभावित रहे। लोगों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। इस रूट पर रेवाड़ी से सीधी बसें नहीं चलने के कारण परेशानी दोगुना हो गई। यात्रियों को झज्जर-रोहतक घूमकर जाना पड़ा।

हिसार जिला के मय्यड़ में जाटों ने आरक्षण की मांग को लेकर शुक्रवार से ही आंदोलन शुरू कर दिया। लोगों ने रेलवे ट्रैक पर डेरा जमा लिया। जिसकी वजह से रेवाड़ी-हिसार रेल कनेक्शन कटा रहा। दिनभर में चलने वाली सात पैसेंजर ट्रेनों में से केवल तीन चली, जो कि भिवानी तक ही चलाई गई। जबकि आगे हिसार भेजने की बजाय इन्हें भी रद्द कर दिया गया। दिन के समय एक ट्रेन, इसके बाद शाम 6:50 बजे रात 9:45 बजे भी पैसेंजर गाड़ियां भिवानी तक भेजी गई।

ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहने के कारण यात्रियों के पास केवल बसों का ही विकल्प बचता है, लेकिन यहां वो भी सुविधा नहीं थी। दरअसल रेवाड़ी से सीधे भिवानी और हिसार के लिए बस सेवा नहीं है। इस कारण महिलाओं से लेकर बुजुर्ग अन्य यात्री वाहनों की तलाश में इधर-उधर भटकते रहे। आखिर रोडवेज कर्मचारियों से रूट की जानकारी लेकर बहुत से लाेग भिवानी जाने के लिए झज्जर के लिए रवाना हाे गए। जहां से उन्हें भिवानी की सीधी बस मिल सके। ऐसा ही हाल हिसार के यात्रियों के लिए रहा। यात्री रोहतक की बसों में बैठे, जहां से हिसार जाना उनके लिए आसान हो। इस कारण बसों में खासी भीड़ रही। ट्रेन में जहां भिवानी के लिए 2 घंटे हिसार के लिए साढ़े तीन से 4 घंटे का समय लगता है।



नौकरी-पेशाके लिए मुश्किलें : सबसेअधिक परेशानी नौकरी पेशा लोगों को रही भिवानी से आगे से इस ओर आने वाले यात्री ट्रेन नहीं चलने के कारण ड्यूटी पर कैसे पहुंचे। रेवाड़ी के औद्योगिक अन्य क्षेत्रों में नौकरी के लिए काफी संख्या में लोग इस रूट से भी पहुंचते हैं। अब रविवार को छुट्टी के कारण बेशक परेशानी कम रहे।

^मुझे कोसली जाना था, लेकिन ट्रेन ही रद्द कर दी गई हैं। हर बार प्रदर्शनकारियों सरकार के बीच परेशानी आम आदमी को ही झेलनी पड़ती है। -विक्रमसिंह

^हांसीजाना था। ट्रेन रद्द हो गई इसलिए बस स्टैंड पहुंचे। यहां पता चला कि सीधी बस नहीं जाती। जरूरी काम है वो भी छूट गए। -सुशीला,कनुका।

किराए की चार गुना मार : यात्रियोंको किराए के मामले में भी चार गुना मार झेलनी पड़ी। ट्रेन में भिवानी का सफर 25 रुपए में तय होता, जबकि बस में इसके लिए 95 रुपए खर्च करने पड़े। हिसार के लिए 40 रुपए की तुलना में बस का 170 रुपए किराया भी अतिरिक्त दबाव रहा।

रैक फंसे हैं इसलिए समस्या : एसएस

^जाटआंदोलन के कारण भिवानी तक ही तीन गाड़ियां भेजी गई। जबकि दूसरी तरफ ट्रेनों के रैक फंसे हुए हैं। इस कारण बाकी ट्रेनों के संचालन में समस्या है।- सदानंदधूसिया, स्टेशन अधीक्षक।

सूचना वही हिसार के लिए ट्रेन नहीं

पूछताछकार्यालय की खिड़की पर भी खासी भीड़ रही। लोग बड़ी संख्या में पहुंच ट्रेनों के चलने के बारे में पूछते रहे। मगर यहां सुबह से ही नोटिस लिखा हुआ था कि हिसार के लिए कोई ट्रेन नहीं है।

रेवाड़ी. जाट आंदोलन के कारण हिसार रुट की सभी ट्रेनें रद्द होने के कारण बस स्टैण्ड पर भी लोगों को हिसार के लिए सीधी बस नहीं मिली, जिससे उन्हें काफी परेशानी आई।

रेवाड़ी. जाटआंदोलन के कारण हिसार रुट की सभी ट्रेनंे रद्द। रेलवे जंक्शन की इंक्वारी विंडो पर पूछताछ के लिए खड़े यात्री। वहीं बोर्ड पर लगी सूचना।

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