दो महीने बाद भी नहीं मिली सूचना
लाडवा|सूचना केअधिकार कानून से सरकार ने भले ही देश में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने का प्रयास किया हो लेकिन अधिकारियों कर्मचारियों की लापरवाही के सामने यह कानून बौना साबित हो रहा है। ऐसा ही एक मामला लाडवा नगर पालिका की सूचना मांगने के दौरान सामने आया है।
लाडवा के आरटीआई कार्यकर्ता रामधनी भारद्वाज ने 30 सितंबर को लाडवा नगर पालिका से सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी थी। जिसमें एक अगस्त 2010 से 30 सितंबर 2014 के बीच नगर पालिका ने लाडवा में सड़कों गलियों के निर्माण पर कितनी धनराशि खर्च की गई पूछा गया था। इसके अलावा इस दौरान जिन सड़कों और गलियों का निर्माण हुआ, वह वैध कॉलोनियों में है या अवैध में है। रामधनी ने बताया कि उसने लाडवा की कच्ची सड़कों गलियों की जानकारी के साथ-साथ ऐसी गलियों और सड़कों की जानकारी भी मांगी थी, जिन्हें एक या इससे अधिक बार उखाड़कर बनाया गया। वहीं नपा सचिव सुशील कुमार ने कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। वे इस मामले का संज्ञान लेकर सूचना उपलब्ध करवाने के निर्देश देंगे।