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परमात्मा के चरणों में मिलता सच्चा सुख : शैलेंद्र

7 वर्ष पहले
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शिवालारामकुंडीपरिसर में चल रही श्रीमद भागवत कथा में प्रवचन करते हुए मंगलवार को आचार्य शैलेंद्र शास्त्री ने कहा कि इंसान चाहे जितना भी भटक ले लेकिन शांति और सच्चा सुख उसे केवल ईश्वर के चरणों में ही मिलता है। उन्होंने कहा कि भक्त ही केवल भगवान के लिए नहीं तड़पता बल्कि भगवान को भी सच्चे भक्तों की तलाश रहती है। उन्होंने भागवत के प्रथम श£ोक की चर्चा करते हुए कहा कि मनुष्य कभी दुख आने पर रो पड़ता है लेकिन संसार के सामने रोने से कोई लाभ नहीं है।

उन्होंने कहा कि रोना ही है तो प्रभु के सामने रोकर अपनी व्यथा सुनाओ। शास्त्री ने कहा कि कथा में भरत चरित्र का वर्णन मनुष्य के जीवन का यथार्थ है। मोह की बेडिय़ों से छूटकर तपस्या के लिए गए भरत जंगल में हिरन के बच्चे की सुंदरता देखकर फिर से मोहपाश में बंध जाता है। उन्होंने कहा कि सुंदरता देखने में अच्छी लगती है। इसके मोह में नहीं फंसना चाहिए और अगर किसी की सुंदरता के मोह में फंसना भी है तो श्याम सुंदर की सुंदरता के मोह में क्यों फंसा जाए। जिसमें कल्याण भी है। उन्होंने कहा कि भोग से तो अब तक किसी को तृप्ति मिली है और ना ही कभी भविष्य में मिल सकती है। उन्होंने कहा कि तृप्ति तो केवल योग में है और योग बिना योगेश्वर की कृपा के असंभव है। कथा के दौरान भजनों पर श्रद्धालु झूमने पर मजबूर हो गए। इस मौके पर रामकली देवी, राजेश गर्ग, नाथी गर्ग, नरेश गर्ग, राजीव गुलाटी, संजय गर्ग, रमेश गर्ग, कपिल गर्ग, तिलकराज, सोमप्रकाश शर्मा और कैलाश बंसल मौजूद थे।

लाडवा | शिवाला रामकुंडी में श्रीमद् भागवत कथा सुनते श्रद्धालु (इनसेट में) प्रवचन करते कथावाचक शैलेंद्र शास्त्री।