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राशन वितरण केंद्र पर ग्रामीणों ने किया हंगामा

7 वर्ष पहले
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कस्बेके निकटवर्ती गांव सैमाण में उस समय राशन डिपो पर हंगामा हो गया जब उपभोक्ताओं को दिए जाने वाले गेहूं निम्न स्तर के निकले। इसके अतिरिक्त लगातार तीन महीनों के गेहूं वितरित किए जाने को लेकर भी ग्रामीण बिफर गए। उन्होंने डिपो होल्डर पर जून, जुलाई अगस्त माह का राशन वितरित किए जाने का आरोप लगाते हुए अधिकारियों से पूरे मामले में जांच किए जाने की बात कही। रविवार को गांव की धर्मशाला में गेहूं वितरित किए जा रहे थे। गेहूं लेने आए ऋषिकेश, सुमन, मनबीर, सतीश, ओमप्रकाश, दिलबाग, रोशनी, रामफल आदि ने बताया कि डिपो होल्डर ने उन्हें विगत तीन महीनों के गेहूं नहीं दिए। बीपीएल धारकों ने बताया कि गेहूं के अलावा तेल अन्य सामान भी नहीं दिया गया। उन्होंने बताया कि ये गेहूं किसी भी तरह से खाने लायक नहीं हैं। उन्होंने डिपो होल्डर पर राशन मांगने की बात कहने पर धमकाए जाने का आरोप भी लगाया। गांववालों ने बताया कि राशन वितरण करने के लिए नई आई लिस्ट में उनका नाम नहीं है। उन्होंने जानबूझकर डिपो होल्डर पर उनके नाम लिस्ट से काटे जाने की बात भी कही। ग्रामीणों ने कहा कि पिछले तीन महीनों के राशन में जो गबन हुआ है उसकी जांच अधिकारी बगैर किसी दबाव के करें। यदि ऐसा नहीं हुआ तो वे आगामी दिनों में कोई भी कार्रवाई करने के लिए तैयार होंगे।

जो आया वह बांटा जा रहा है

डिपोहोल्डर कृष्ण ने बताया कि पीछे से जैसे गेहूं आए, वैसे ही बांटे जा रहे हैं। उसके पास राशन वितरण करने का काम जुलाई से आया है। इससे पहले सैमाण निवासी बलबीर राजेन्द्र राशन वितरण का कार्य करते थे। किन्हीं कारणों से दोनों की सप्लाई अब बंद है। अब वे अगस्त का राशन वितरित कर रहे हैं। जून, जुलाई का राशन उपभोक्ताओं को क्यों नहीं दिया गया इस बात पर वे कोई भी संतुष्टिपूर्ण जवाब नहीं दे सके।

कराएंगेजांच

एसडीएमडॉ.मुनीष नागपाल ने बताया कि यदि किसी को राशन नहीं दिया गया है तो मामला काफी गंभीर है। वे संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी हासिल कर इसकी जांच करवाएंगे।

महम. डिपोहोल्डर से बहस करते ग्रामीण।