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साधु का काम बुराई नहीं, सेवा करना होता है : महंत सतीश
इनेलोप्रत्याशी महंत सतीश दास ने रविवार को कहा कि साधु का काम बुराई करना नहीं, सेवा करना होता है। वे अपने चुनाव प्रचार में किसी की बुराई करने की बजाए, महम हलके की सेवा करने के लिए आए हैं, लेकिन बगैर राजनीतिक भागीदारी के सच्ची सेवा कर पाना नामुमकिन है।
उनकी चाह है कि वे महम हलके के युवाओं के लिए इंजीनियरिंग कालेज जैसी संस्था खोलें। इसके लिए विगत दिनों में औपचारिकताएं पूरी की, लेकिन सरकार में राजनैतिक भागीदारी होने के कारण वह क्षेत्र के युवाओं का सपना पूरा नहीं कर सके। अब वे क्षेत्रवासियों के सहयोग से राजनीति में भागीदारी सुनिश्चित कर महम हलके के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तथा शिक्षा के लिए कालेज खोलकर सपना पूरा करना चाहते हैं।
किसानों के लिए टेल पर पानी पहुंचाना भी उनका मकसद है। इन्द्रगढ़, चांदी, खरैंटी , लाखनमाजरा, बैंसी, खरक, गुगाहेड़ी, फरमाना खेड़ी गांव में उन्होंने कहा कि वह किसी का भला नहीं कर पाए तो विश्वास दिलाते हैं कि बुरा भी नहीं करेंगे। जबकि दूसरे प्रत्याशी सिर्फ बुरा करने में विश्वास रखते हैं।
लाखनमाजरा में जनसभा के दौरान विचार रखते महंत सतीश दास।