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निंदाना के लोगों ने रेल मंत्री पर लगाया भेदभाव करने का आरोप

7 वर्ष पहले
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रेलमंत्री सुरेश प्रभु द्वारा प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की जन्मस्थली निंदाना को गोद लेने के बाद महम-लाखनमाजरा रोड पर स्थित यह गांव एक बार फिर से सुर्खियों में गया। इस तरह गांव को गोद लिए जाने से जहां निंदाना खास के ग्रामीणों में खुशी का माहौल है, वहीं इसी गांव की दूसरी पंचायत निंदाना तिगरी निंदाना मुहमदपुर के लोगों में नाराजगी स्पष्ट दिखाई दे रही है। नाराज ग्रामीणों का कहना है कि सरकार को एक ही गांव में विकास करवाने के लिए इस तरह भेदभाव नहीं करना चाहिए। गांव में 15 हजार से अधिक आबादी है। भले ही तीन पंचायत हों लेकिन ग्रामीण अलग-अलग नहीं हैं।

गांव की जिस पंचायत को गोद लिया गया है उसमें भी कुछ लोग मंत्री के इस फैसले से खफा हैं बावजूद इसके निंदाना खास पंचायत के सरपंच आनंद, नरेश, अनिता, होशियारा, रणधीर, मुख्तार, रामेशर आदि का कहना है कि उनकी पंचायत में स्कूल, पशु अस्पताल, पीने के पानी की डिग्गी, पक्की गलियां, गंदे पानी की निकासी आदि की कोई सुविधा नहीं है। गोद लेने के बाद ये सभी समस्याएं खत्म हो जाएंगी। वहीं दूसरी तरफ निंदाना तिगरी निंदाना मुहमदपुर पंचायत में रहने वाले समुन्द्र, ताराचंद, श्रीभगवान, जसमेर, ईश्वर, बलवान, गोला, शेरा, हवासिंह, फुलपति, नान्ही, रामरति आदि ने बताया कि पूरे गांव की समस्याएं बराबर हैं। तीनों पंचायत में गंदे पानी की निकासी नहीं है। अधिकतर गलियां कच्ची पड़ी हैं। तालाबों में गंदा पानी छोड़ा जा रहा है। यह पानी पशुओं को पानी पिलाने के लायक नहीं है। पानी की सप्लाई चार दिन में एक बार आती है। दूरदराज के खेतों से पानी लाना पड़ता है। अनेक जगह लीकेज की समस्या है।

बिजली भी नाममात्र की आती है। इसके अलावा ग्रामीणों ने खेतों की किलाबंदी होने की बात को भी प्रमुख समस्या बताया। उन्होंने कहा कि निंदाना को मुख्यमंत्री हुड्डा की सरकार में 10 साल पहले आदर्श गांव घोषित किया जा चुका है। विकास कार्य तीनों पंचायतों में हुए हैं। किसी एक पंचायत में विशेष रूप से कार्य नहीं किए गए। ग्रामीणों ने रेल मंत्री द्वारा एक की बजाए गांव की तीनों पंचायतों को गोद लेने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि यदि वे ऐसा करने में असमर्थ हैं तो ली गई पंचायत को भी छोड़ दें।

येहैं प्रमुख समस्याएं

आदर्शगांव होने के बाद भी निंदाना गांव में कई समस्याएं अभी भी मुंह बाए खड़ी हैं,