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शाम तक इंतजार, नहीं मिली बुजुर्गों को पेंशन
शहरके अधिकतर बुजुर्ग मंगलवार को नगर पालिका प्रांगण में बैठकर चले गए। किसी बैंक कर्मचारी ने तो यहां आकर उनके खाते खोले और ही नगर पालिका द्वारा उन्हें पेंशन दी गई। थकहार कर बुजुर्ग महिला पुरुष घर लौट गए। बीते एक सप्ताह से पेंशन धारकों के सामने रही परेशानी पर कोई कर्मचारी, अधिकारी खुलकर नहीं बोल रहा।
पेंशन लेने के लिए आए हरि सिंह, हुकम सिंह, शांति, नामकौर, फूलपति, शर्मिला, भरतो, संतोष, ओमी, रामफल, देशराज, अत्तर, प्रकाश, वेद, राजेन्द्र, सुनीता ने बताया कि वे पिछले कई दिनों से पेंशन के लिए चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें पेंशन नहीं दी जा रही। अनेक गावों में सभी बुजुर्ग पेंशन ले चुके हैं। उन्होंने बताया कि वे सुबह से आए हैं। भूख, प्यास से परेशान हैं। कोई संतोष जनक जवाब नहीं दे रहा। नगर पालिका पार्षद यहीं प्रांगण में बैंक कर्मचारियों को बुलाकर उनके खाते खुलवाने की बात कह रहे हैं। वे अपनी आईडी फोटो भी साथ लाए हैं।
बावजूद इसके शाम चार बजे तक कोई उनकी सुध लेने नहीं आया। राधेश्याम, धर्मा, शमशेर, दयानंद ने बताया कि तीन दिन पहले उनके खाते ग्रामीण बैंक में खोल दिए गए लेकिन आज सुबह लिस्ट लगाई गई तो उसमें उनके वार्ड का नाम किसी अन्य बैंक के साथ जोड़ा हुआ मिला। ऐसे में अब वे दोबारा से खाते कैसे खुलवाएं ये उनकी समझ में नहीं रहा।