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खुले दरबार में उपायुक्त ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं

6 वर्ष पहले
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मुख्यमंत्रीके गांव निंदाना में वीरवार को जिला उपायुक्त शेखर विद्यार्थी द्वारा खुला दरबार लगाकर लोगों की समस्याएं सुनी गईं। उपायुक्त ने समस्याओं को संबंधित विभाग के अधिकारियों के हवाले करते हुए उन पर तुरंत कार्यवाही करने के दिशा-निर्देश दिए। अधिकतर शिकायतें बिजली, पानी, पीले कार्ड, चकबंदी, पानी की निकासी सहित सफाई व्यवस्था को लेकर थीं।

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में वीरवार को ग्रामीण एक बजे से एकत्रित होना शुरू हो गए। खुले दरबार का समय दो बजे था। निश्चित समय तक सभी विभागों के अधिकारी पहुंचे, जबकि जिला उपायुक्त 3:20 पर आए। आते ही लोगों की समस्याओं को सुनना शुरू कर दिया। करीब डेढ़ घंटे तक समस्याएं सुनी गईं। इस दौरान एडीसी अमित खत्री, एसपी शशांक आनंद, डीडीपीओ अजय मिश्रा, सीएमओ शिव कुमार, डीआरओ बलवान सिंह, डीओ सत्यवती नांदल, एसडीएम दलबीर फौगाट, तहसीलदार दिनेश सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

गंदापानी पीकर पशु हो रहे बीमार

ग्रामीणजिलेसिंह, संता, बलबीर, रणबीर, संजय, नवीन ने बताया कि निंदाना मुहम्मदपुर की 600 एकड़ जमीन में पिछले बीस साल से पानी भरा है। गांव में चकबंदी भी नहीं है। पटवारी द्वारा निशानदेही के गलत पत्थर लगा दिए गए। इसके अलावा फसल की पैदावार कम हो रही है। सरकार ने कोई आर्थिक सहायता नहीं दी। ग्रामीणों ने बताया कि छाजुवाला, खाना नया तालाब का पानी गंदा है, जिसे पीने के बाद पशु बीमार हो रहे हैं। सरपंच सहित अन्य अधिकारियों को शिकायत दी लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में सफाई कर्मचारी लगाए गए हैं लेकिन वे सफाई नहीं कर रहे।

अधिकतर गलियों में कीचड़ गंदगी भरी पड़ी है। बिमला प|ी कृष्ण ने कहा कि उसका पुत्र सुरेन्द्र 13 साल का हो चुका है। अपाहिज गूंगा, बहरा है। वे गरीब व्यक्ति हैं। सरकारी सहायता के लिए कई बार रोहतक अन्य जगह जा चुके हैं लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला। पीले कार्ड की शिकायत पर महिलाओं को सर्वे होने के बाद कार्ड बनाए जाने की बात कही गई।

करोड़ों बकाया कैसे लगेंगे बिजली के तार

ग्रामीणोंने कहा कि पूरे गांव में बिजली के तार जर्जर हैं। उन्हें बदला नहीं जा रहा। बिजली कटौती की समस्या भी है। नए मीटर के लिए फाइल जमा कराते हैं तो विभागीय कर्मचारी मीटर नहीं लगा रहे। शिकायत मिलने के बाद जिला उपायुक्त ने बिजली विभाग के एक्सईन दीपक पोपली को बुलाया तो उन्होंने कहा कि निंदाना गांव के उपभोक्ताओं पर विभाग का 11 करोड़ 23 हजार रुपए बकाया है। गांव में 1933 कनेक्शन हैं जिनमें से 1300 बिजली उपभोक्ता बिल ही नहीं भरते। ये लोग खुले रूप से बिजली की चोरी करते हैं। बाहर पोल पर मीटर भी नहीं लगाने दे रहे। जिला उपायुक्त पूरी बात को सुनकर हैरान परेशान दिखाई दिए।

महम. खुलेदरबार में बैठे ग्रामीण।

महम. खुलेदरबार में शिकायत सुनते डीसी शेखर विद्यार्थी।