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अध्यापकों पर भेदभाव का आरोप आधा घंटा स्कूल में चला हंगामा
कस्बेके सैमाण चौक पर स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में बुधवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब एक छात्रा उसके परिजनों ने भेदभाव का आरोप लगाकर स्कूल स्टॉफ के साथ कहासुनी शुरू कर दी। शोर सुनकर जहां स्कूल की सभी छात्राएं स्टॉफ सदस्य लगभग आधा घंटे तक एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाते रहे वहीं दूसरी तरफ इसकी शिकायत पीड़ित छात्रा के परिजनों ने एसडीएम के समक्ष लिखित में भी दे दी।
मामला इतना बढ़ गया कि स्कूल प्रिंसिपल ने अपने आपको यहां से रिलीव होने तक की बात कह डाली। बुधवार को स्कूली छात्राओं से सड़क सुरक्षा बारे पेपर लिए गए। पेपर चेक हुए तो 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली वार्ड 5 की छात्रा पूनम ने कम नंबर आने पर आपति जताई। छात्रा ने कहा कि जो पेपर अध्यापकों या इंचार्ज को चेक करने चाहिए थे वे उन्होंने खुद चेक कर कक्षा की छात्राओं से चेक करवाए जिस कारण उसे कम नंबर प्राप्त हुए। कक्षा की कई अन्य छात्राओं ने भी आरोप लगा रही छात्रा का इस बात को लेकर समर्थन किया। छात्रा की बात जब किसी स्टॉफ सदस्य ने नहीं सुनी तो उसने इसकी सूचना अपने अभिभावकों को दी। छात्रा की मां ने कहा कि स्कूल स्टॉफ उसकी बच्चियों के साथ भेदभाव कर रहा है। उनकी इन्हीं ज्यादतियों से तंग आकर उन्होंने अपनी एक बेटी जो इसी स्कूल की कक्षा 7वीं की छात्रा थी, को इस स्कूल से निकालकर निंदाना के सरकारी स्कूल में दाखिल करवाया है। अब स्टॉफ सदस्य उसकी दूसरी बेटी के साथ भी ज्यादती करने पर तुले हुए हैं। पेपर ले रही अध्यापिका प्रोमिला सतबीर ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद छात्रा का दोबारा से पेपर चेक किया गया तो उसके तीन नंबर बढ़ गए। उसे 31 की जगह 34 अंक प्राप्त हुए। वहीं, स्कूल प्रिंसिपल सरिता वशिष्ठ का कहना है कि मामले को ज्यादा तुल दिया जा रहा है। छात्रा के तीन नंबर बढ़ा दिए गए हैं। भेदभाव जैसे आरोप गलत हैं। छात्रा को अभिभावकों के पास जाने की बजाए पहले उसके पास आना चाहिए था। लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
महम. हंगामाहोते देख कक्षाओं से बाहर निकल आईं छात्राएं।