सितंबरमेंहुई तेज़ बारिश ने फसलों पर असर डाला है। इससे खरीफ की जिन फसलों में फूल गए थे उन्हें तो भारी नुकसान हुआ है। लेकिन जिनकी बुआई हुई थी वे फायदे में हैं। ‘भास्कर’ ने इसे लेकर विशेषज्ञों और विभिन्न संगठनों से बात की।
चावल: 20 प्रतिशत नुकसान। लेकिन अच्छा स्टोरेज होने के कारण कीमत में ज्यादा अंतर नहीं। पूर्वीउत्तरप्रदेश, ओडीशा में हुई तेज बारिश ने धान को नुकसान पहुंचाया।
बासमती:10-20 प्रतिशत नुकसान और इसी अनुपात में कीमत बढ़ने की आशंका। सेंट्रलराइस रिसर्च इंस्टीट्यूट के निदेशक डाॅ टी मोहापात्रा के मुताबिक अच्छा बासमती पूर्वी उत्तरप्रदेश में बोया जाता है, जहां काफी बारिश हुई है। सरकार इसका स्टोरेज भी नहीं करती है।
सोयाबीन:9 फीसदी कम बाेया, लेकिन उत्पादन पिछले साल जैसा होने की उम्मीद। सोपाके प्रवक्ता राजेश अग्रवाल के मुताबिक इस बारिश से सोयाबीन को फायदा होगा। पिछले साल की तुलना में कम बुवाई के बावजूद पैदावार अच्छी होगी।
मूंग,उड़द, तुअर : 3-5 फीसदी सस्ती हो सकती है। दालएसोसिएशन के राष्ट्रीय महामंत्री सुरेश अग्रवाल के मुताबिक इस बारिश को सबसे ज्यादा फायदा दालों की फसल को ही होगा।
हफ्तेभर की बारिश से बासमती खराब, दालें हुईं और बेहतर