पाक हिंदुओं को मिलेगा शादी का कानूनी हक
इस्लामाबाद | पाकिस्तानमें हिंदुओं को शादी का कानूनी हक मिलने का रास्ता साफ हो गया है। एक संसदीय समिति ने सर्वसम्मति से हिंदू मैरिज बिल का मसौदा मंजूर कर दिया है। संसद में पारित होने के बाद हिंदू शादियां भी रजिस्टर्ड हो सकेंगी।
नेशनल असेंबली की कानून और न्याय संबंधी समिति ने सोमवार को विधेयक पर चर्चा के लिए पांच हिंदू सांसदों को खास तौर पर बुलाया था। अंतिम क्षणों तक मसौदे को अटकाने की कोशिश की गई, लेकिन समिति के अध्यक्ष चौधरी महमूद बशीर विर्क और सत्तारूढ़ पीएमएल-एन के सांसद डॉ. रमेश कुमार वेकवानी की कोशिशों से इसे मंजूरी मिल गई। इस विधेयक में पूरे देश में लड़के और लड़कियों के विवाह की न्यूनतम आयु 18 साल तय की गई है।
न्यूनतम आयु को लेकर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के शगुफ्ता जुमानी तथा पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के अली मुहम्मद खां ने आपत्ति दर्ज कराई। लेकिन विर्क ने इन्हें खारिज कर दिया।
बैठक में विर्क ने कहा, \\\"मैरिज बिल के मसौदे में अड़ंगेबाजी के कारण काफी देर हो चुकी है। मुसलमान खासकर राजनेता होने के कारण हमें यह व्यवहार शोभा नहीं देता। मुसलमानों की आबादी 99 प्रतिशत है, फिर हमें एक प्रतिशत आबादी से किस बात का डर है।\\\'