छठी सर छोटूराम मैराथन : लड़कों में राहुल, लड़कियों में रचना रही प्रथम
दीनबंधुछोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मुरथल में शुक्रवार को छठी मैराथन का आयोजन किया गया। मैराथन को झंडी दिखाने के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भी प्रतिभागियों के साथ दौड़े।
उनके साथ कैबिनेट मंत्री कविता जैन, सांसद रमेश कौशिक, प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव जैन, कुलपति आरपी दहिया, बीपीएस महिला विश्वविद्यालय की कुलपति आशा कादियान, हरियाणा मार्केटिंग बोर्ड की चेयरमैन कृष्णा गहलावत, डीसी राजीव रतन, एसपी अभिषेक गर्ग ने भी दौड़ लगाई। मैराथन को लेकर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों में भारी उत्साह था। पुरुष वर्ग में राहुल सीआरए कॉलेज लड़कियों में रचना संस्कृत कॉलेज प्रथम रही।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपने संबोधन में कहा सर छोटूराम का जन्मदिवस किसानों के खुशी के दिन के रूप में जाना जाता है। हरियाणा कृषि प्रधान प्रदेश है। किसानों के विकास पर ही प्रदेश का विकास टिका है। युवा पीढ़ी सर छोटूराम के बारे में विस्तार से जाने इसलिए मैराथन का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की हमदर्द है। किसानों के बेटों को कौशल शिक्षा प्रदान की जाएगी। फरीदाबाद में कौशल विश्वविद्यालय भी प्रस्तावित है। उन्होंने कहा सोनीपत में देश की तीसरी साइंस सिटी, मुरथल विश्वविद्यालय के साथ लगती 44 एकड़ जमीन में बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस दौरान विश्वविद्यालय परिसर में 4 करोड़ 61 लाख रुपए की लागत से बने बहुउद्देश्यीय आंतरिक खेल परिसर का उद्घाटन भी किया।
{पुरुष वर्ग
नाम स्थान
राहुलप्रथम सीआरए कालेज
साहिल दूसरे सीआरए कालेज
अमित तीसरे सीआरए कालेज
{महिलावर्ग
रचनाप्रथम संस्कृत कालेज
ममता दूसरे संस्कृत कालेज
रेनू तीसरे बीपीएस विवि
सोनीपत . दीनबंधुछोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मुरथल में आयोजित छठी सर छोटूराम मैराथन में बढ़ चढ़कर भाग लेते युवा।
मैराथन दौड़ में भाग लेने वाली कई छात्राओं की दौड़ते-दौड़ते हालत बिगड़ गई। दम फूलने से अचानक रीतू नाम की छात्रा चक्कर खाकर गिर गई। मुश्किल से उसे अन्य प्रतिभागियों ने संभाला। इसके बाद उसका उपचार किया गया तो हालत सामान्य हुई।
हैवीट्रेफिक के बीच दौड़े प्रतिभागी : मैराथनको लेकर प्रशासन ने कोई खास तैयारी नहीं की थी। इसका नजारा मैराथन शुरू होने पर स्पष्ट रूप से सड़क पर देखने को मिला। सोनीपत मुरथल मार्ग पर हैवी ट्रैफिक के बीच से बचते हुए प्रतिभागियों को रास्ता बनना पड़ा। मैराथन में दौड़ने वाले प्रतिभागी बड़े वाहनों के बीच से होते हुए दौड़े, जिससे जान जोखिम में रही। कई तो जाम में ही फंस गए। वहीं कुछ ने मैराथन के साथ इंज्वाय भी किया।