पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • कल्चर में बदलाव

कल्चर में बदलाव

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
अब चांदी के रथ की जगह गीता शंख

सरकार बदलने के साथ जिले के विश्व विद्यालयों में बदल गई अतिथियों को उपहार देने की परंपरा

पहले केंद्र में फिर हरियाणा में सत्ता परिर्वतन का शिक्षा क्षेत्र में भी बड़ा असर पड़ा है। अभी सिलेबस में भले ही कोई बड़ा बदलाव हुआ हो पर जिले में स्थापित दो सरकारी विश्व विद्यालयों की संस्कृत में इसका असर दिखने लगा है।

जहां पहले मुख्य अतिथियों को चांदी से दिखने वाले रख स्मृति चिन्ह के रूप में दिए जाते थे अब उनके स्थान पर भारतीय संस्कृत या कहें हिंदुत्व के सबसे बड़ी निशानी शंख पावन भगवत गीता ने ले ली है। इसका ताजा उदाहरण भक्त फुल सिंह महिला विश्वविद्यालय खानपुर कलां बना हैं। वहीं अब जिले का दूसरा विश्वविद्यालय दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल भी उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। इन विश्वविद्यालयों में अतिथियों का अभिवादन सरस्वती वंदना से शुरू होगा और धन्यवाद गीता और शंख आदि उपहार देकर किया जा रहा है।

इसलिएयह चर्चा : महिलाविश्वविद्यालय में शुक्रवार को युवा संसद के मौके पर बतौर अतिथि पहुंचे सांसद रमेश कौशिक को शंख गीता भेंट की गई। वहीं छोटूराम विवि प्रशासन द्वारा दीक्षांत समारोह के मौके पर डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को गीता भेंट करने का फैसला लिया गया है। यही नहीं विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से यह भी फैसला किया है कि अब गेस्ट हाउस के सभी कमरों में गीता रखी जाएगी।

हाल ही में क्षेत्र के एक कॉलेज एमएसआईटी में आरएसएस की कार्यशाला का आयोजन किया गया था। इसमें आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी पहुंचे थे। उन्होंने खुले तौर पर हिंदुत्व का बखान करते जोर शोर से इसका प्रचार करने को कहा था। वहीं इससे पहले एसएम हिंदू स्कूल के शताब्दी समारोह में सोनीपत पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह भी हिन्दुत्व की परिभाषा समझाकर गए थे।

कहा जा रहा है कि यह सारी कवायद राज्य सरकार की नजर में उनकी पसंद की बोली बोल अपनी जगह सुरक्षित करने भर की है। क्योंकि दीक्षांत समारोह से लेकर अन्य उत्सव पूर्व में भी हुए हैं, लेकिन धार्मिक दृष्टिकोण का इस प्रकार प्रदर्शन पहले कहीं दिखाया ही नहीं गया, अब एकाएक इस प्रकार के बदलाव के चर्चे होने भी लाजमी है।

^इसे राजनीति के नजरिए से देखना गलत होगा। यह सब बात वैल्यू एजुकेशन की है। जिसकी आज विद्यार्थियों को काफी आवश्यकता है।\\\'\\\' डॉ.आशा कादियान, कुलपति, भक्त फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां।