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सहकारी समिति में लाखों की ठगी करने वाला चमन लाल गिरफ्तार

6 वर्ष पहले
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उपरलीधमौली सहकारी कृषि समिति में किसानों के फर्जी साइन कर लाखों रुपए की ठगी करने के आरोपी सेल्समैन को शहजादपुर पुलिस ने रविवार देर रात गांव तानका माजरा से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने सोमवार को उसे अदालत में पेश किया जहां से उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

पुलिस से सात महीने तक आंख मिचौली खेलने के बाद आखिर पैक्स के सेल्समैन चमन लाल को रविवार देर रात पुलिस ने उसके घर गांव तानका माजरा से गिरफ्तार कर लिया है। मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस ने अदालत से तीन दिन का रिमांड मांगा है। उन तमाम दस्तावेजों को भी कब्जे में लिया जाएगा जिनके आधार पर किसानों को लोन दिया जाता है। यदि पुलिस मामले की गहनता से जांच करती है तो कई बड़े अधिकारियों के इस गड़बड़झाले में संलिप्त होने का खुलासा भी हो सकता है। क्षेत्र के गांव पतरेहड़ी, तानका माजरा, सलौला आदि गांवों के किसानों की शिकायत पर चमन लाल के खिलाफ अगस्त 2014 में धोखाधड़ी का मामला शहजादपुर पुलिस ने दर्ज किया था। किसानों का आरोप था कि पैक्स के सेल्समैन चमन लाल ने सैकड़ों किसानों के फर्जी साइन कर लाखों रुपए उनके खातों से निकाल लिए। अधिकारियों ने जांच करवाई थी।

पांच महीने तक चली जांच में अधिकारियों ने 209 किसानों के नाम की रिपोर्ट तैयार की थी जिसमें 48 लाख 15 हजार रुपए की ठगी का खुलासा विभाग ने किया था।

कई अधिकारियों पर गिर सकती है गाज

आरोपीचमन लाल पिछले कई सालों से ठगी कर रहा था। इस बार उसकी प्लानिंग थी कि शायद चुनाव के दौरान तत्कालीन सरकार किसानों के कर्जे माफ कर देगी और वह सरकार का लाखों रुपए आराम से हजम कर सकेगा, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। यह खेल वह अकेला नहीं चला रहा था, क्योंकि बैंक से चेक कैश कराने में मैनेजर और कैशियर की भी भूमिका होती है। क्या किसी भी अधिकारी या कर्मचारी ने जिम्मेदारी को ठीक से नहीं निभाया।

ऐसेहुआ था खुलासा: सेल्समैनचमन लाल ने 22 जून 2014 को पतरेहड़ी निवासी गोपाल सिंह के नाम पर खाद लेने के लिए 27200 रुपए का एक चेक कड़ासन बैंक में लगाया। तत्कालीन मैनेजर सुभाष ने साइन मिलाने के लिए रिकार्ड देखा तो साइन मेल नहीं खा रहे थे। गोपाल सिंह के अंग्रेजी में साइन थे जबकि चेक पर हिन्दी में। शक होने पर मैनेजर ने गांव में जाकर पता किया तो गोपाल सिंह के परिजनों ने बताया कि करीब दो साल पहले गोपाल सिंह की मौत हो चुकी है। उन्होंने गांव में मुनादी करवाकर सभी किसानों से अपने खातों की जांच करने के लिए कहा। जैसे ही किसान बैंक पंहुचे तो पता चला कि सैकड़ों किसानों को आरोपी चपत लगा चुका है।