- Hindi News
- अमित वालिया बने रहेंगे नगरपालिका के प्रधान
अमित वालिया बने रहेंगे नगरपालिका के प्रधान
नगरपालिकाप्रधानकी कुर्सी पर पिछले करीब ढ़ाई साल से मंडरा रहे खतरे के बादल गुरुवार को छंट गए। अमित वालिया को बड़ी राहत देते हुए हाईकोर्ट के पांच जजों की फुल बैंच ने अपने फैसले में पूर्व प्रधान की याचिका को खारिज कर दिया है। अब अमित वालिया नगरपालिका के प्रधान पद पर बैठे रहेंगे।
नगरपालिका नारायणगढ़ के 13 में से 9 पार्षदों ने 3 अगस्त 2012 वार्ड नंबर-4 के पार्षद अमित वालिया के नेतृत्व में अनीता चौधरी, संतोष छाबड़ा, सुरजीत सैणी, लच्छी राम, सरोज बाला, श्रवण कुमार, सरोज शर्मा और शमिन्द्र कौर ने एसडीएम कार्यालय में नो-कॉन्फीडेंस पास कर संजीव वर्मा को प्रधान पद से हटा दिया था। जबकि पार्षद बैकुंठ नाथ, जितेन्द्र अबदुला और ओम प्रकाश धासी सहित संजीव वर्मा मौके पर मौजूद नहीं थे।
पार्षदों के सहयोग से अमित वालिया प्रधान की कुर्सी पर काबिज तो हो गए थे लेकिन उसी दिन संजीव वर्मा ने हाईकोर्ट में अमित वालिया की प्रधानी को चुनौती दे दी थी। हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए संजीव वर्मा ने तर्क दिया था कि म्यूनिसिपल एक्ट के अनुसार विधायक और सांसद को भी वोट डालने का अधिकार है। नारायणगढ़ नगरपालिका में 13 पार्षद है, नो कॉन्फीडेंस पास करने के लिए दो-तिहाई बहुमत होना जरूरी है। जब उनके खिलाफ प्रस्ताव पास किया गया तो मात्र 9 पार्षद ही मौजूद थे, जबकि 10 वोट उनके खिलाफ होते तो ही उन्हें पद से हटाया जा सकता था। करीब ढ़ाई साल तक मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन रहा। अमित वालिया ने बताया कि गुरुवार को लार्जर बैंच ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि विधायक और सांसद का वोट जरूरी नहीं है।
पूर्व प्रधान संजीव वर्मा का कहना है कि वह अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं। आने वाले समय में लोगों को इस फैसले से फायदा मिलेगा और वह गुमराह नहीं होंगे।
सत्य की जीत हुई
अमितवालिया का कहना है कि अदालत के फैसले से सत्य की जीत हुई है। उन्होंने और उनके साथी पार्षदों ने कानून के दायरे में रहकर नो-कॉन्फीडेंस किया था। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान शहर का समान विकास करवाया है। संजीव वर्मा नगरपालिका के माननीय पार्षद हैं, वह उनका आदर करते हैं।