किसानों की अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा देने पहुंचे डीआरओ
राष्ट्रीयराजमार्ग के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन का मुआवजा देने के लिए गुरुवार को जिला राजस्व अधिकारी नरवाना के हरियल रेस्ट हाउस में पहुंचे और लोगों को जमीन का मुआवजा देने से पहले जरूरी दस्तावेज जमा करवाने के आदेश दिए। जिन लोगों की जमीन रोड के लिए अधिकृत हुई है वह अधिकारियों के बताए गए अपने दस्तावेज जमा करवाने में असमर्थ दिखाई। क्योंकि मुआवजा नोटिस में दिए गए दस्तावेजों के अलावा भी अधिकारियों ने लोगों का शपथ पत्र मांगा। जिसको लेकर लोगों को लघु सचिवालय से लेकर हरियल रेस्ट हाउस तक कई चक्कर लगाने पड़े।
किसान नफे सिंह, बलकार फौजी, ओमप्रकाश, पासी, श्यामा, कुलदीप, भगत प्रधान, चंदन, राजपाल, नवाब, जगदीश ने बताया कि अधिकारियों के कहने पर जब लोग शपथ पत्र बनवाने के लिए लघु सचिवालय में स्थित तहसीलदार कार्यालय पहुंचे तो उनकी कुर्सी खाली थी। इस कारण लोगों ने अपने शपथ पत्र नोटरी से अटेस्टेड करवाकर अधिकारियों को दिए लेकिन अधिकारियों ने नोटरी से अटेस्टेड शपथ पत्र लेने से इंकार करते हुए कहा कि केवल तहसीलदार द्वारा ही अटेस्टेड शपथ पत्र जमा किया जाएगा। नोटरी वाले नहीं चलेंगे।
दनौदा खुर्द के नंबरदार नफे सिंह ने कहा कि अधिकारियों ने उनका नोटरी से अटेस्टेड शपथ पत्र जमा कर लिया था। लेकिन कुछ समय बाद उन्हें अधिकारियों ने कहा कि आपका यह शपथ पत्र मान्य नहीं होगा। अब तहसीलदार चुके हैं। इसलिए आप वहां से अपना शपथ पत्र अटेस्टेड करवाएं लेकिन लोग वहां पहुंचे तो तहसीलदार अपने कार्यालय में नहीं थे।
इस बारे में कानूनगो रमेश का कहना है कि नोटरी द्वारा अटेस्टेड शपथ पत्र जिला अधिकारी मान्य नहीं करते। इसलिए लोगों से तहसीलदार के ही शपथ पत्र लेने का आदेश है। तहसीलदार चुके हैं। लोग अपने शपथ पत्र बनवाकर जल्द जमा करवाएं।
किसानों को हरियल रेस्ट हाउस से लघु सचिवालय तक काटने पड़े कई चक्कर