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वार्ड बंदी पर नपा के पूर्व प्रधान आमने-सामने

6 वर्ष पहले
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नगरपरिषद के चुनाव को लेकर पूर्व में प्रधान रहे कैलाश सिंगला भारत भूषण गर्ग एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने में लगे हुए हैं। शहर में वार्ड बंदी का प्रपोजल तैयार हो चुका है, लेकिन साथ ही वार्डबंदी का विरोध भी शुरू हो गया है।

पूर्व नगर परिषद प्रधान कैलाश सिंगला ने पत्रकारवार्ता में कहा कि शहर में जातिगत राजनीति के आधार पर वार्डबंदी की जा रही है। अब तक नरवाना में कुल 21 वार्ड हैं, लेकिन अब दोबारा वार्डबंदी के बाद शहर में 23 वार्ड बनाए जाएंगे।

सिंगला ने कहा कि उनके विरोधी पार्षदों ने अपने निजी स्वार्थ अपनी राजनीति चमकाने के लिए लोगों को जाती के आधार पर बांटने पर तुले हुए हैं। सिंगला ने बताया कि विरोधी पार्षदों को यह प्रचार किया जा रहा है कि यह वार्डबंदी की मांग हमारी ओर से की गई है, लेकिन इसमें हमारा एक भी पार्षद शामिल नहीं है। विरोधी खुद अपने फायदे के लिए शहर में दोबारा वार्डबंदी करवा रहे हैं, जिनमें उन्होंने अपने हिसाब से अपने समर्थकों को आगे लाने के लिए जात-पांत का एक नया मुद्दा खड़ा कर दिया। वार्डबंदी के लिए सरकार की एक कमेटी बनाई जाती है, जिसमें उनका कोई भी पार्षद मौजूद नहीं है।

उनका कहना है कि नगरपरिषद के अधिकारियों द्वारा वर्तमान में भेजी गई वार्डबंदी की ड्राफ्टिंग से वार्ड के लोगों में रोष है और वे इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से करेंगे। इस मौके पर उनके साथ जगरूप श्योकंद, विजेंद्र सुरजेवाला, रोहताश सिंगला, दया सिंह नैन, प्रदीप सिंगला, आशु शर्मा, सतपाल धत्तरवाल, सिनू पंसारी मौजूद रहे।

भौगोलिकआधार पर होनी चाहिए वार्डबंदी

कैलाशसिंगला ने बताया कि वार्डबंदी के अधिनियम 1977 के तहत वार्डबंदी भौगोलिक आधार पर की जाती है। लेकिन उनके विरोधी पार्षदों ने इस नियम की अवहेलना करते हुए वार्डबंदी का नक्शा तैयार करवाया, जिसमें भूगोल का कोई नियम नहीं है। जिस भी वार्ड में जिस भी जाति के लोगों की संख्या कम है। उन्हें वार्ड से बाहर कर दिया गया है। यह सब उनके वोटरों को अलग करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूरे शहर में गलत वार्डबंदी हो रही है। इसके लिए उन्होंने डायरेक्टर को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि अगर इसके बाद भी सही कार्रवाई नहीं होती तो वह हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

गर्गका कहना

भारतभूषण गर्ग ने कहा कि वार्डबंदी के लिए शहर की जनसंख्या का रिकार्ड कैलाश सिंगला के शासन काल में भेजा गया था। उन्होंने ही ब्लॉक बनवाए हैं।

उनके बाद से कोई प्रधान ही नहीं बना तो और कोई ऐसी रिपोर्ट कैसे भेज सकता है। इसलिए यह वार्ड बंदी कैलाश सिंगला के शासन काल के चलते बनाई जा रही है।

नरवाना मे वार्ड बंदी के लिए बनाए गए नक्शे को दिखाते कैलाश सिंगला पार्षद।