किसानों के साथ धरने पर बैठ जाऊंगा: सीएम
भास्कर न्यूज | गुहला चीका/तरावड़ी
केंद्रमेंभाजपा की सरकार बनते ही फसलों की दाम गिर गए। प्रधानमंत्री मोदी को शिकायत के बाद भी इस पर विचार तक नहीं हुआ। यदि 15 दिनों में किसानों को फसल लागत मूल्य मुनाफे के साथ नहीं दिया गया तो मैं किसानों के साथ ही धरने पर बैठ जाऊंगा। सीएम ने गुहला चीका में भी एक चुनावी सभा में यह बात कही। कहा, यदि मुझे संविधान का ख्याल होता तो इसी वक्त किसानों के साथ लेकर धरने पर बैठ जाता। उधर, तरावड़ी में भी नीलोखेड़ी से प्रत्याशी ज्ञानचंद सहोता के पक्ष में वोट मांगने पहुंचे हुड्डा ने किसानों की दशा के लिए भाजपा सरकार को किसान विरोधी बताया।
हुड्डा ने कहा, मोदी की जादू की छड़ी की पोल खुल चुकी है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में परिणाम आने के बाद जब उन्होंने इसका आकलन किया तो पता चला कि भाजपाइयों ने देश में एक ऐसा माहौल बना दिया था, जिससे लोगों को लगने लगा था कि मोदी कोई फरिश्ता हैं और उनके हाथ में जादू की छड़ी है, जिसे घुमाते ही देश के लोगों की समस्याएं तुरंत समाप्त हो जाएंगी, परंतु अब सच्चाई लोगों के सामने है। इससे पहले उन्होंने फसलों की कम कीमत के लिए केंद्र में भाजपा की सरकार को दोषी ठहराया। कहा-यदि मुझे संविधान का ख्याल होता तो इसी वक्त किसानों को साथ लेकर धरने पर बैठ जाता।
इस दौरान हुड्डा ने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और कैथल में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के दौरान हुई हूटिंग का जिक्र भी किया। सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रत्याशी दिल्लूराम बाजीगर ने लोगों से आह्वान किया कि यदि जनता ने उन्हें मौका दिया तो वे हलके के लोगों का डाकिया बनकर विकास की चिट्ठियां लाएंगे।
सोमवार को तरावड़ी मंडी में किसानों से बातचीत करते सीएम हुड्डा।
हुड्डा ने इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला के जेल से शपथ लेने की बात पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि ऐसा हुआ तो फिर प्रदेश की राजधानी चंडीगढ़ नहीं, तिहाड़ जेल होगी। यहां कानून का राज चलता है। जब तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे. जयललिता को कानून के सामने झुकना पड़ा तो उसके आगे चौटाला की क्या बिसात है। सीएम ने लोगों से सवाल किया कि यदि ऐसा हुआ तो क्या उन्हें चौटाला से मिलने के लिए जेल नहीं जाना होगा और क्या वह ऐसा चाहेंगे। लोगों द्वारा कहने पर हुड्डा ने कहा कि निश्चिंत रहो, क्योंकि ऐसी नौबत ही नहीं आएग