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आलस्य मनुष्य के सभी रोगों की जड़ योग से आएगा नया सवेरा : चावला

6 वर्ष पहले
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तरावड़ी | सुबहएक घंटे का योग प्राणायाम व्यक्ति को जीवन भर दवाइयों से दूर रखने के लिए काफी है और इसके लिए हर किसी को थोड़ा से आलस्य तो त्यागना ही होगा। उक्त शब्द योग शिक्षक जगदीश चावला ने तरावड़ी के आर्य समाज मंदिर में पतंजलि योग समिति भारत स्वाभिमान ट्रस्ट की ओर से चल रही योग कक्षा में साधकों को योग के फायदे बताते हुए कहे। उन्होंने बताया कि अनुलोम-विलोम कपाल भांति प्राणायाम सर्वश्रेष्ठ है, क्योंकि इन्हें रोजाना आधा घंटे तक करने वाले व्यक्ति को मानसिक तनाव और शरीर के भीतर बीमारियां कभी ही नहीं सकती। उन्होंने कहा कि इन्हें करने वाले व्यक्ति का ब्लड प्रेशर संतुलित रहता है और चेहरे का तेज भी बढ़ता है। उन्होंने एक्यूप्रेशर के लिए ताली बजाना सबसे उत्तम बताया और कहा कि ताली बजाने से हमारे शरीर की उंगलियों के अगले हिस्से हथेली के बीच में जो नासिकाएं हमारे शरीर के अधिकतर हिस्सों का संचालन करती है उन्हें तेजी से चलाती है जिससे सरवाइकल सिर दर्द जैसी बीमारियों का खात्मा होता है। उन्होंने बताया कि सभी प्राणायाम के बाद किया जाने वाला प्रणम प्राणायाम हमें हमारे भगवान के साथ जोड़ता है और मन को जो शांति उस समय मिलती है वह दिनभर काम में व्यस्त रहने के दौरान कभी नही मिलती। इस दौरान मुख्य रूप से नीलोखेड़ी तहसील प्रभारी विरेंद्र कुमार, अनुराग जैन, डा.कृ़ष्णकांत, बिंदू सिंह, ललित सिंगला, राजकुमार खुराना हेमा जांगड़ा मुख्य रूप से उपस्थित थे।