भाजपा ने पेट्रोल डीजल के दाम तो घटा दिए, लेकिन खाद, दवाई कृषि यंत्रों की कीमतों में कोई कमी नहीं की। इतना ही नहीं सूखे के बावजूद मेहनत से तैयार धान की फसल को इस बार मंडी में व्यापारियों मनमाने दामों पर खूब लूटा। जिससे किसानों की स्थिति आज बदतर हो गई है। किसान बैंकों का कर्ज, बिजली का बिल आढ़तियों के रुपए देने में पूरी तरह से असमर्थ हो गए हैं। बैठक में जिला प्रधान राम सिंह, कबूल सिंह, ईश्वर सिंह, भीम सिंह, सूखा सिंह लागर, मास्टर गुरदीप सिंह, जसपाल सिंह, मलूक सिंह, अंग्रेज सिंह, मांगा सिंह, टहल सिंह, तख्त सिंह, जगतार सिंह,
कश्मीर सिंह, कपूर सिंह पूर्ण सिंह सहित अन्य मौजूद थे।
खाद की कालाबाजारी को लेकर सीएम से मिलेंगे : आर्य ने कहा कि सूखे को देखते हुए सरकार को धान की फसल पर कम से कम पांच सौ रुपए प्रति क्विंटल बोनस देना चाहिए था। लेकिन ऐसा नहीं किया गया जो किसानों से अन्याय है। खाद की कालाबाजारी को लेकर किसान सीएम से मिलेंगे और दोषी दुकानदारों पर कार्रवाई की मांग करेंगे। किसानों ने गेहूं का न्यूनतम मूल्य 2200 रुपए प्रति क्विंटल, 60 साल से अधिक आयु के किसान को सरकारी कर्मचारी के बराबर पेंशन खाद, बीज, दवाइयों कृषि यंत्रों की कीमत में घटोतरी की मांग की है।