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सायरन बजते ही सहम जाते हैं पांच गांवों के बच्चे

7 वर्ष पहले
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निसिंग। कतलाहेड़ी गांव से जुंडला सड़क पर बनी शराब की फैक्टरी के शोर बदबूदार पानी से खफा क्षेत्र के कई गांवों के ग्रामीणों ने कतलाहेड़ी स्थित रोड़ भवन में सामूहिक बैठक की। बैठक की अध्यक्षता सरपंच हथलाना रणधीर सिंह ने की। जिसमें फैक्टरी के विरोध में क्षेत्र के ग्रामीणों को एक जुट होकर विरोध करने का आह्वान किया गया। उन्होंने कहा कि फैक्टरी में बजने वाले सायरन की आवाज हथलाना, मंजूरा, कतलाहेड़ी, औंगद जुंडला सहित अन्य गांवों में सुनाई देती है। सायरन के अधिक शोर के कारण उनके स्कूली बच्चे पढ़ाई नहीं कर पाते।
फैक्ट्री से निकलने वाले बदबूदार पानी को साथ लगती ड्रेन में डाला जा रहा है। जिससे आसपास के गांवों में बदबू का आलम बना हुआ है। बदबू के कारण गांवों में भयंकर बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री से ग्रामीणों को होने वाली परेशानी के मद्देनजर पड़ोसी गांवों के ग्रामीणों को एकजुट होने की आवश्यकता है। क्योंकि इस शराब कारखाना की वजह से इन गांवों में बीमारी तक फैल सकती हैं।

फैक्टरी को लेकर कई बार हो चुकी महापंचायत : इस मामले को लेकर आस-पास के दर्जनभर गांवों की महापंचायत पहले भी हो चुकी है। लेकिन अभी तक इस मामले में किसी भी तरह का फैसला नहीं लिया जा सका है। प्रशासन की ओर से भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। कई गांव तो ऐसे हैं जहां पूर्वी हवा चलने के समय बदबू का आलम रहता है। लोगों को नाक पर कपड़ा बांधना पड़ रहा है।

बुधवार को ओंगद में होगी अगली बैठक : जिसकेलिए बुधवार को गांव औंगद, शुक्रवार को जुंडला रविवार को सामूहिक बैठक कर लोगों को जागरूक किया जाएगा। इसके बाद फैक्टरी के विरोध में सभी गांवों के लोगों द्वारा एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में पूर्व सरपंच मेहर सिंह जुंडला, सत्यवान कतलाहेड़ी अमनदीप बांसा सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
(निसिंग.कतलाहेड़ी मेंशराब की फैक्टरी के विरोध में हुई बैठक में मौजूद ग्रामीण। )