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अपनी राजनीतिक विरासत बेटे को दिलाने में सफल वित्तमंत्री

7 वर्ष पहले
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ज्यादा नहीं, पर देखे जातीय समीकरण

थानेसर में पलटी बाजी - गर्ग को उतारा

नहीं था कोई मजबूत दावेदार

जिले में कांग्रेस के घोषित प्रत्याशियों को देखते हुए यही लगता है कि अबके टिकट वितरण में जातीय समीकरण ज्यादा हावी नहीं थे। हालांकि इन्हें बिल्कुल भी दरकिनार नहीं किया है। प्रो. कैलाशो को लाडवा से उतारा है, जहां सैनी समाज से पहले ही भाजपा पवन सैनी को प्रत्याशी बना चुकी है। लाडवा बाबैन सीट पर सैनी करीब 30 हजार हैं। जबकि इतने ही जाट हैं। इनेलो जाट समाज से शेरसिंह बड़शामी की प|ी को उतार चुका है। उधर, पिहोवा में कांग्रेस इनेलो ने जट्ट सिख समाज के मनदीप चट्‌ठा जसविंद्र संधू को उतारा है। यहां सिख वोटर ही सर्वाधिक हैं। यहां से भाजपा ने ब्राह्मण कार्ड खेलते हुए जयभगवान शर्मा को उतारा है। थानेसर में इनेलो भाजपा ने पंजाबी समाज के अशोक अरोड़ा सुभाष सुधा पर दांव खेला है। थानेसर में करीब 20 हजार पंजाबी हैं। जबकि महाजन बनिया समाज की नौ हजार से ज्यादा वोट हैं। कांग्रेस ने यहां से बनिया समाज के गर्ग को टिकट दिया।

इधर थानेसर में पूर्व विधायक रमेश गुप्ता को पार्टी पहले चुनाव में उतारने की इच्छुक थी। लेकिन गुप्ता लाडवा से टिकट मांग रहे थे। बताया जाता है कि वे थानेसर से चुनाव लड़ने से इंकार भी कर चुके थे। यहां से जयभगवान शर्मा सुभाष सुधा कांग्रेस के मजबूत दावेदार थे। लेकिन दोनों भाजपा में चले गए। इसके बाद जलेश शर्मा, मेवा सिंह, विशाल सिंगला और गौरव शर्मा गौरी दावेदार थे। सूत्रों के मुताबिक मेवा सिंह का यहां से टिकट लगभग तय हो चुका था। हालांकि मेवा सिंह लाडवा से टिकट पाने के ज्यादा इच्छुक थे। गर्ग भी लाडवा थानेसर से टिकट की चाह में थे। लेकिन लाडवा में पिछले चुनाव में इनेलो छोड़कर कांग्रेस में आई पूर्व सांसद कैलाशो सैनी का दावा ज्यादा मजबूत था। जबकि थानेसर में मेवा सिंह के नाम पर सहमति हो चुकी थी। पार्टी सूत्रों की माने तो गर्ग के लिए एक पूर्व सांसद भी पूरा जोर लगा रहे थे। बुधवार सुबह तक मेवा सिंह का नाम तय था, लेकिन बाद में बाजी पलट गई, टिकट गर्ग को थमा दिया।

पुत्र मोह के चलते वित्त मंत्री पर परिवारवाद के आरोप लगाकर पहले ही कांग्रेस के कई बड़े पदाधिकारी पार्टी छोड़कर जा चुके हैं। इससे पूर्व कांग्रेस के ब्लाॅक प्रधान रहे परमजीत सिंह चट्ठा, गुरिंद्रजीत सिंह नत सहित कई कांग्रेसी पार्ट