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केंद्रीय टीम ने देखा कितना एरिया सूखे की चपेट में

7 वर्ष पहले
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गांव अरुणाय जलबेड़ा में किया मुआयना

पिहोवा|केंद्र सरकारकी छह सदस्यों की टीम ने सोमवार को पिहोवा के गांव अरुणाय और जलबेड़ा क्षेत्र का दौरा कर सूखाग्रस्त स्थिति का जायजा लिया।

दोनों गांवों में किसानों से बातचीत कर एक रिपोर्ट तैयार की है। टीम के सदस्य इस रिपोर्ट को केंद्र सरकार के समक्ष रखेंगे। भारत सरकार की अंतर मंत्रालय केंद्रीय टीम के सदस्य डॉ. डीपी मलिक, डाॅ. रामानंद, डाॅ. एके राजपूत, डीआर कौल, अतिश हल्दर ने पिहोवा के गांव अरुणाय में डेरा कम्बोज फार्म और गांव जलबेड़ा का दौरा किया। इस टीम के साथ एचएसडीसी के महाप्रबंधक डाॅ. डीएस दुग्गल और अतिरिक्त गन्ना कमिश्नर डाॅ. जगदीप बराड़ थे।

बोलेकिसान-दोबारा कराने पड़े बोर : किसानोंने स्पष्ट किया कि इस वर्ष बारिश होने के कारण प्रति एकड़ 10 हजार रुपए खर्चा बढ़ा है। जहां पहले एक एकड़ पर 20 हजार रुपए खर्च आता था। इस बार एक एकड़ पर 30 हजार रुपए खर्च आया है। पानी की कमी के कारण यहां पर भू-जल स्तर 5-10 फिट नीचे चला गया है। किसानों को दोबारा बोरवेल कराने पड़े। हालांकि किसानों ने कहा कि सूखे का यहां कोई प्रभाव नहीं रहा। क्योंकि बिजली से सिंचाई का काम करते रहे। टीम के सदस्यों ने सूखाग्रस्त से संबंधित तमाम आंकड़े और रिपोर्ट लेने के पश्चात किसानों को आश्वासन दिया कि इस रिपोर्ट को केंद्र सरकार को सौंप दिया जाएगा। केंद्र सरकार के निर्णय के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा। जिला प्रशासन की तरफ से एसडीएम धर्मवीर सिंह, तहसीलदार नौरंग दास, बीडीपीओ प्रताप सिंह और कृषि विभाग के एसडीओ डाॅ. मदन राणा मौजूद थे।

प्रतापगढ़ भी पहुंची केंद्रीय टीम

कुरुक्षेत्र|केंद्रसरकार की अंतर मंत्रालय केंद्रीय टीम ने थानेसर के गांवों का भी दौरा किया। एमसीडीसी के एमडी आईएस अधिकारी वसुधा मिश्रा के नेतृत्व में टीम सोमवार को गांव प्रतापगढ़ में पहुंची। टीम के साथ कृषि विभाग के महानिदेशक विजेंद्र सिंह और कृषि विभाग के अतिरिक्त निदेशक सुरेश गहलावत भी थे।

पिहोवा| सूखाग्रस्त क्षेत्र का दौरा करने पहुंची भारत सरकार के अंतर मंत्रालय केंद्रीय टीम के सदस्य किसानों से बातचीत करते हुए।