गुस्साए ग्रामीणों ने जड़ा स्कूल पर ताला
सौंदर्यीकरणकीप्रतियोगिताओं में कई बार अव्वल खिताब हासिल कर चुका गांव धूलगढ़ गुलडेहरा का स्कूल अध्यापकों की कमी से जूझ रहा है। समस्या को अधिकारियों तक पहुंचाने के बाद भी जब कोई हल नहीं निकला तो गुरुवार को ग्रामीणों ने स्कूल पर ताला जड़ दिया।
इस दौरान ग्रामीणों ने बच्चों की छुट्टी कर दी और स्कूल के बाहर नारेबाजी की, लेकिन सीएम ड्यूटी में व्यस्त होने के कारण कोई अधिकारी ताला खुलवाने नहीं पहुंचा। कई घंटे बाद ग्रामीणों ने ताला खोल दिया।
ग्रामीण रोशनलाल, कर्मा, सुभाष, सरोज, नीलम, दर्शन आदि ने बताया कि अभिभावक स्कूल में बच्चों की कमजोर पढ़ाई का कारण जानने पहुुुंचे थे। वहां पता चला कि उनके स्कूल में साइंस, गणित, केमिस्ट्री, इतिहास राजनीति विज्ञान सहित कई विषयों के अध्यापकों के पद खाली हैं। यहां तक की प्रिंसिपल का पद भी खाली होने के चलते उनका काम भी फिजिक्स के लेक्चरर रोहित शर्मा संभाल रहे थे, लेकिन उन्हें भी डेपुटेशन पर थाना गांव में भेज दिया गया। इसी के चलते उनमें रोष फैल गया और स्कूल पर ताला लग गया। बाद में आंगनवाड़ी का राशन लेकर आई गाड़ी को अंदर भेजने के लिए ग्रामीणों ने रास्ता छोड़ा और ताला खोला। इनकी मांग है कि थाना गांव में डेपुटेशन पर भेजे गए अध्यापक रोहित शर्मा की डेपुटेशन रद्द की जाए और रिक्त पदों पर अध्यापकों की व्यवस्था की जाए। इस मौके पर सुभाष, मांगे राम, कर्मचंद, सुभाष, रामभगत, जयपाल, शेर सिंह, रतनलाल, जोगीराम, सूरजभान, अशोक, रमेश सहित ग्रामीण मौजूद थे।
पिहोवा. गांव धूलगढ़ गुलडेहरा के स्कूल पर ताला जड़कर नारेबाजी करते ग्रामीण।
एक अध्यापक पढ़ा रहा दो स्कूलों में
स्कूलमें कुल 550 छात्र छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। विभाग द्वारा एक अध्यापक, साइंस टीचर को डेपुटेशन पर रखा हुआ है और उसे प्रिंसिपल का अतिरिक्त चार्ज भी दिया हुआ है। डेपुटेशन के चलते यह अध्यापक दो तीन घंटे थाना गांव के स्कूल में पढ़ाता है और शेष समय में अपना स्कूल संभालता है। इससे बच्चों को पढ़ाई बाधित हो रही है जिस कारण उनका सिलेबस भी कवर नहीं हो पा रहा है।