कुरुक्षेत्र | प्राइवेट बसों के रूट परमिट को लेकर रोडवेज कर्मचारियों के साथ चल रहे विवाद के चलते मंगलवार को सात घंटे तक प्राइवेट बसें थमी रहीं। सुबह से एक भी गाड़ी कुरुक्षेत्र-पिहोवा, इंद्री बाबैन रूट पर नहीं चली। दोपहर बाद डिपो के ट्रैफिक मैनेजर मेजर सिंह के साथ बातचीत के बाद ही प्राइवेट बसें सड़क पर दौड़ सकीं। सोमवार को प्राइवेट बस चालकों और रोडवेज कर्मचारियों के बीच रूट परमिट को लेकर झगड़ा हो गया।
तनाव इतना बढ़ गया कि सभी रोडवेज कर्मी बस स्टैंड परिसर में जमा हो गए और प्राइवेट बसों की चेकिंग शुरू कर दी। जिस भी बस के पास रूट परमिट नहीं था उसे तुरंत डीटीए के समक्ष पेश किया गया। इसके बाद मंगलवार को भी सुबह से ही प्राइवेट बसें स्टैंड पर खड़ी रहीं। प्राइवेट बस संचालकों द्वारा कागज दिखाने के बाद ही बसें रूट पर दौड़ीं। कुरुक्षेत्र-पिहोवा रूट की सात, इंद्री रूट की एक, बाबैन रूट की एक और ठोल रूट की एक मिलाकर कुल 10 प्राइवेट बसें सात घंटे तक थमी रहीं।
- प्राइवेट बस संचालकों के अनुसार बस चलने के कारण प्रत्येक बस को कम से कम दो हजार रुपए का नुकसान हुआ है। इसके मुताबिक 10 बसों का 20 हजार रुपए घाटा हुआ।
- दी हरियाणा सहकारी परिवहन समिति कल्याण संघ के प्रधान हुकम सिंह राणा का कहना है कि सभी प्राइवेट बसों के परमिट हैं। लेकिन रोडवेज कर्मचारी बेवजह उन्हें परेशान कर रहे हैं।
- कुरुक्षेत्र डिपो के ट्रैफिक मैनेजर मेजर सिंह का कहना है कि प्राइवेट बस संचालकों ने सभी बसों के कागज चेक कराए। जोकि सही पाए गए। इसलिए अब वे अपनी पुरानी स्कीम के तहत सिर्फ मूल रूट पर ही चलेंगी।
- हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी के नेता राजकुमार शर्मा, बलवंत सिंह नगला और अरुण आत्रेय नरेश कुमार का कहना है कि प्राइवेट बसों को सिर्फ उनके मूल रूट पर ही चलने दिया जाएगा।
- प्राइवेट परमिट के विवाद के चलते थमी बसें
कुरुक्षेत्र | नहीं चली प्राइवेट बसें, नए बस स्टैंड पर खड़ी प्राइवेट बसें।