इस्माइलाबाद. प्रेशरहाॅर्न अक्सर हादसों का सबब बनते हैं। ऐसे ही गुरुवार देर शाम हिसार अंबाला नेशनल हाइवे पर एक ट्रक में लगे प्रेशर हाॅर्न ने एक युवक की जिंदगी निगल ली। जिस ट्रक में प्रेशर हार्न था, वह उसी की चपेट में गया।
इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि पुलिस के आने से पहले ही ट्रक चालक फुर्र हो गया। उसका ट्रक पुलिस ने जब्त किया है।
बताया जाता है कि साहब सिंह वासी बडौली, अंबाला की कस्बे में टंकी के सामने ट्रैक्टर स्पेयर पार्ट की दुकान है। गुरुवार शाम को साहब सिंह दुकान बंद कर बाइक पर घर जाने के लिए सवार हुआ था। जैसे ही वह हेलमेट डाल कर चलने लगा, तभी पिहोवा की तरफ से रहे एक तेज रफ्तार ट्रक चालक ने प्रेशर हार्न बजाया। हार्न की आवाज काफी तेज थी, जिससे साहब सिंह अचानक घबरा गया।
इसी घबराहट में उसका संतुलन बिगड़ा और वह बाइक से नीचे जा गिरा। इसी बीच वही ट्रक उसे कुचलता हुआ निकल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रक चालक ने बाइक सवार को गिरता देख भी लिया, लेकिन ब्रेक नहीं लगाया। इससे ट्रक बाइक सवार के सिर के ऊपर से गुजर गया। जब तक लोग जमा होते, आरोपी चालक ट्रक से कूद कर भाग निकला।
पत्नी की मौत, पति जख्मी, बेटी बाल बाल बची
गांवठोल के निकट सड़क दुर्घटना में एक महिला की मौत हो गई। जबकि उसका पति गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में उनका छह साल की बच्ची सिमरन बाल बाल बची। बताया जाता है कि अशोक कुमार वासी चुगना, अम्बाला बाइक पर अपनी प|ी भीरो देवी और छह वर्षीय बेटे के साथ पिहोवा की ओर जा रहा था। गांव ठोल के निकट एक तेज रफ्तार पिकअप गाड़ी ने उसकी बाइक को टक्कर दे मारी, जिसमें भीरो देवी और अशोक कुमार बुरी तरह घायल हो गए। बच्ची उछलकर कच्चे रास्ते में गिर गई। घायलों को अम्बाला ले जाया गया। लेकिन रास्ते में ही भीरो देवी की मौत हो गई।
शाहाबाद-इस्माइलाबाद| जिले में अलग-अलग सड़क हादसों में महिला सहित तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि एक व्यक्ति जख्मी हो गया। पहली घटना जीटी रोड पर गांव धंतौड़ी के निकट हुई। गुरुवार तड़के गांव धंतौड़ी के सामने कैंटर ट्रक से टकरा गया, जिसमें कैंटर के परिचालक की मौत हो गई। मृतक की शिनाख्त तजिंद्र सिंह मुल्लापुर मोहाली के रूप में हुई है। क्लीनर घायल अवस्था में कैंटर में फंसा रहा। इसी वजह से उसकी भी मौत हो गई। दूसरी दुर्घटना मीरी-पीरी अस्पताल के सामने हुई, जहां एक बाइक ट्रैक्टर की चपेट में गई। घटना में रविंद्र निवासी शहजादपुर की मौत हो गई।
जिला ट्रैफिक प्रभारी मनोज कुमार का कहना है कि पुलिस रूटीन में चेकिंग के दौरान जांचती है कि क्या वाहन पर प्रेशर हाॅर्न तो नहीं लगा है। जिन पर प्रैशर हार्न होते हैं, उनका चालान किया जाता है। हर माह औसतन दस वाहन चालकों को इस वजह से चालान होता है। हालांकि सिर्फ चालान काटने से ही इसका हल नहीं निकल सकता। लोगों को चाहिए कि वे ट्रैफिक रूल्स फाॅलो करें। दूसरों की जिंदगी को अनमोल समझते हुए प्रेशर हाॅर्न आदि लगाएं। इसे लेकर ट्रैफिक पुलिस ने अवेयरनेस प्रोग्राम भी चलाया हुआ है।
प्रैशर हार्न पर पाबंदी लगी है। लेकिन यह पाबंदी कहीं से असरदायक नहीं दिखती। लोग अपने शौक के चलते वाहनों पर प्रेशर हाॅर्न लगा कर रखते हैं। खासतौर पर ट्रक प्राइवेट बसों पर प्रैशर हार्न लगे होते हैं। यदि पुलिस कभी पकड़ती भी है तो महज 100 रुपए का जुर्माना चालक पर लगता है। एडवोकेट रविंद्र भारद्वाज का कहना है कि प्रेशर हाॅर्न पर जुर्माना राशि बेहद कम है। जबकि इनकी वजह से कई हादसे होते हैं। ऐसे में पहली बार पकड़े जाने पर कम से कम एक हजार रुपए जुर्माना होना चाहिए।