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खाद संकट को लेकर किसानों ने दिया दो दिन का अल्टीमेटम
कस्बेकेकिसानों को यूरिया खाद की किल्लत के चलते परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं प्रशासन के लिए भी यूरिया खाद की कमी सिर दर्द बनती जा रही है। प्रशासन के पास किसानों को आश्वासन देने के अलावा कुछ नहीं है।
इससे किसानों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। किसानों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उन्हें दो दिन तक यूरिया खाद उपलब्ध नहीं हुआ तो वे अपनी ट्रैक्टर ट्राॅली लेकर हाइवे पर बैठ जाएंगे। इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। किसान दीपचंद जलबेहड़ा, सोनू शर्मा नैसी, राजेश, बलजीत थांदडों, प्रकाश सिंह थिंद, धर्मसिंह धगडौली, ईश्वर सिंह ने बताया इस समय अगेती गेहूं की फसल को बिजाई किए हुए 45 से 50 दिन हो गए हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार गेहूं की बिजाई के बाद फसल में खाद 50 दिन के भीतर डालनी चाहिए। लेकिन खाद की कमी के चलते किसानों की स्थिति बिगड़ रही है। मौसम में गर्मी के चलते यूरिया की कमी से गेहूं का पौधा फुटाव करने की बजाए बढ़ता जा रहा है। एसडीएम पिहोवा डॉ. किरण सिंह ने माना कि इस समय क्षेत्र में यूरिया खाद की कुछ कमी है। लेकिन शीघ्र ही इसे दूर किया जाएगा। कहा कि जो लोग यूरिया खाद की काला बाजारी कर रहे हैं। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कुरुक्षेत्र| यूरिया खाद किल्लत को लेकर डीसी रजनीकांथन को सीएम के नाम ज्ञापन सौंपते कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष पवन गर्ग अन्य।
कुरुक्षेत्र | कांग्रेस के नेताओं का एक शिष्ट मंडल शुक्रवार को खाद की किल्लत को लेकर पूर्व जिलाध्यक्ष पवन गर्ग नेतृत्व में डीसी सीजी रजनीकांथन से मिला। जिले में खाद संकट को लेकर डीसी के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजा। पवन गर्ग ने बताया प्रदेश जिले में खाद की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है खाद लेने के लिए किसान सुबह से शाम तक लाइनों में लगते हैं। प्रदेश में यूरिया के लिए मारामारी है। किसानों को शोषण हो रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी छोटे किसानों को हो रही है। यदि खाद के साथ कीटनाशक दवा खरीदे तो यूरिया मिल जाता है। ज्ञापन में मांग की कि खाद संकट को लेकर सरकार ठोस उपाय करे। इस अवसर पर सतपाल कौशिक और मेहर सिंह रामगढ़ मौजूद थे।