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पिहोवा में खालिस्तान जिंदाबाद नारे संग भिंडरावाला के लगे होर्डिंग, मची हलचल
>गुरुद्वारा बाउली साहिब में नहीं लगने दिए पोस्टर
भास्करन्यूज| पिहोवा
सोमवारकोपिहोवा में पंजाब में अलगाववाद की मांग के जनक रहे जरनैल सिंह भिंडरावाला के होर्डिंग लगे मिले। खालिस्तान जिंदाबाद के नारे संग भिंडरावाला के इन होर्डिंग्स से हलचल मच गई। गुप्तचर विभाग के भी कान खड़े हो गए। उधर इन होर्डिंग्स को लेकर विवाद भी हुआ। शहर में ये होर्डिंग गुरुग्रंथ साहिब सत्कार सभा, पिहोवा द्वारा लगाए गए। बाउली साहिब गुरुद्वारा में भी बिना पूछे एक होर्डिंग लगवा दिया। जिसे गुरुद्वारा सेवकों ने उतरवाया। इन होर्डिंग्स पर साफ शब्दों में गुरुमुखी में खालिस्तान जिंदाबाद लिखा है। इससे हलचल मचनी ही थी। होर्डिंग लगे देख खुसर पुसर भी शुरू हो गई। चर्चा चल पड़ी कि कहीं अलगाववाद को लेकर भिंडरांवाला की विचारधारा आज के युवाओं के मन में घर तो नहीं कर रही। होर्डिंग के इस मामले को लेकर पुलिस अभी अनजान बनी हुई है।
भिंडरावालाके जन्मदिन की बधाई मकसद : श्रीगुरु ग्रंथ साहिब सत्कार सभा की तरफ से ये होर्डिंग लगवाए गए। सभा के कोषाध्यक्ष कुलवंत सिंह का कहना है कि 12 फरवरी को भिंडरावाला का जन्मदिन हैं। सिख कौम उन्हें शहीद मानती है। इसलिए सभा ने बधाई देने के मकसद से ये होर्डिंग लगवाए। खालिस्तान जिंदाबाद नारे पर कुलवंत ने कहा कि इससे पंजाब को अलग खालिस्तान राष्ट्र बनाने जैसी मांग से कोई सरोकार नहीं है। कहा कि खालिस्तान का मतलब पूरी तरह से शुद्ध,अन्याय भेदभाव रहित व्यवस्था से है।
मामलानहीं संज्ञान में : डीएसपी : मामलेको लेकर डीएसपी चंद्रपाल का कहना है कि होर्डिंग लगाने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। वे जल्द पता लगवाएंगे कि कहीं सामाजिक माहौल को खराब करने की कोशिश तो किसी द्वारा नहीं की गई।
बोले झिंडा-इस मसले से नहीं सरोकार
वहींएचएसजीपीसी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झिंडा का कहना है कि खालिस्तान जिंदाबाद नारे के साथ किसने और क्यों, होर्डिंग लगवाए, इससे उनका कोई सरोकार नहीं है। यह उनकी व्यक्तिगत सोच मामला है, इस पर वे कुछ नहीं बोलेंगे। वहीं एसजीपीसी अमृतसर के सदस्य जत्थेदार हरभजन सिंह मसाना ने भी यही कहा कि वे इस मामले में कुछ नहीं कहेंगे।
शहीदहैं भिंडरावाला : कंवलजीत
वहींसिख नेता कंवलजीत अजराना ने कहा कि जरनैल सिंह भिंडरावाला को कौम की तरफ से शहीद माना जाता है। उनकी जन्मदिन की बधाई देने में कोई बुराई नहीं है। दूसरे देश में हर किसी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है।
पिहोवा में लगाए गए पजांब के अलगाववादी नेता जरनैल सिंह भिंडरावाला खालीस्थान जिंदाबाद के होर्डिंग।