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फोन पर बेटे को बताया जहर खाकर जा रहे हैं भाई के घर

5 वर्ष पहले
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रोहतकवासीराजकपूर उसकी प|ी भाई राजेंद्र से मिलकर 12 फरवरी को हंसी-खुशी घर के लिए विदा हुए थे, लेकिन देर रात तक घर नहीं पहुंचे। चिंता होने पर इकलौते बेटे अमित ने कई बार फोन मिलाया। पहले तो फोन उठाया ही नहीं। रात करीब सवा नौ बजे मिला तो राजकपूर ने बेटे को बताया कि उसने जहर निगल लिया है और अब उसके चाचा के घर जा रहे हैं।

फोनसुन सन्न रहा, कुछ कर नहीं पाया : पिताके मुंह से यह बात सुनते ही अमित भी सन्न रह गया। आनन-फानन में चाचा राजेंद्र को फोन मिलाया। लेकिन उससे पहले ही चाचा और उसका परिवार राजकपूर बाला देवी को लडख़ड़ाते हुए देख चुका था। उनकी हालत देख वे तुरंत निट की एंबुलेंस से उन्हें अस्पताल ले गए। जहां पता चला कि वाकई उन दोनों ने जहर निगला है।

सोमवार को पोस्टमार्टम

दोनोंकी मौत पीजीआई चंडीगढ़ में हुई। शनिवार को आफ वर्किंग डे होने के चलते दोनों का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। अब सोमवार को ही शवों का पोस्टमार्टम होगा। घटना का पता चलते ही दोनों के परिजन रिश्तेदार भी चंडीगढ़ पीजीआई में जमा हो गए।

पति था परेशान, पर दोनों की मौत रहस्य

सूचनापर एसएचओ सुरेंद्र कुमार, थर्ड गेट चौकी प्रभारी कुलदीप सिंह एएसआई रोहताश की टीम मौके पर पहुंची। जांच रोहताश राणा को सौंपी है। पुलिस को उनके पास से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला। जांच अधिकारी रोहताश के मुताबिक प्रारंभिक पूछताछ में यही पता चला कि राजकपूर कुछ समय से परेशान था। संभव है कि उसने इसी वजह से जहरीला पदार्थ निगला। अभी तक दोनों भाई में यहां किसी तरह की तकरार या विवाद होने के बारे में भी पता नहीं चला। परिजनों से भी पूछताछ की, लेकिन बाला देवी ने क्यों जहर निकला, यह रहस्य है। संभव है कि उसने पति को ऐसा करते देख खुद भी जहर निगल लिया हो। राजकपूर ने रात को नौ बजे अपने बेटे अमित को खुद फोन पर बताया कि उसने जहर निगला है और वे दोनों उसके चाचा के यहां जा रहे हैं। अब जांच के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी।

राजकपूर असम राइफल्स से कुछ समय पहले सेवानिवृत्त हुआ था। परिवार सहित रोहतक की राजेंद्रनगर कॉलोनी में एक किराए के मकान में रहता था। राजकपूर की दो लड़की एक लड़का अमित है। लड़कियों की कुछ समय पहले शादी कर दी थी, लेकिन बेटे की अभी शादी नहीं हुई है। बताया जाता है कि दोनों पति प|ी 11 फरवरी को कुरुक्षेत्र में रह रहे छोटे भाई राजेंद्र से मिलने आए थे। राजेंद्र पीडब्ल्यूडी में कार्यरत है और एनआईटी स्थित क्वार्टर में रहता है। राजेंद्र के साथ ही पिता दयालचंद भी रहते हैं।

लौटेतो जहर खाये थे : 12फरवरी को दोनों पति प|ी करीब तीन बजे वापस रोहतक जाने के लिए भाई पिता से विदा लेकर चले थे। पिपली तक पहुंचे भी, लेकिन इसके बाद किसी से बीच में कोई संपर्क नहीं किया। रात करीब सवा नौ बजे दोनों जहर खाकर वापस लौट आए। जब तक संभालते, तब तक देर हो चुकी थी।

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