कुरुक्षेत्र। पिंक सिटी नाम जहन में आते ही जयपुर के बारे में लोग सोचते हैं। ऐसे ही कुछ समय बाद श्याम रंग सिटी से कुरुक्षेत्र की पहचान होगी। पर्यटक बाहर से लोग आएंगे तो अहसास होगा कि वे श्रीकृष्ण की नगरी में हैं। कुछ दिनों बाद शहर मुख्य सड़क के दोनों तरफ का एरिया श्याम रंग यानी स्काई ब्लू कलर से चमकता नजर आएगा। यह योजना बनाई है विधायक सुभाष सुधा ने नगरपरिषद प्रशासन संग मिलकर। इसे साकार किया जाएगा शहरवासियों संग मिलकर। इसकी पुष्टि खुद विधायक सुभाष सुधा ने की। इस योजना के तहत पिपली, जोकि कुरुक्षेत्र का एंट्री प्वाइंट है, से लेकर ज्योतिसर तक सड़क के दोनों किनारों स्थित मार्केट सार्वजनिक बिल्डिंग को स्काई रंग दिया जाएगा।
कुरुक्षेत्र शहर पिपली से लेकर थर्ड गेट तक एक ही मुख्य सड़क के दोनों छोरों पर बसा है। इसके दोनों तरफ कहीं मार्केट तो कहीं रिहायशी एरिया है। यह सड़क एक तरफ जीटी रोड को तो दूसरी तरफ कैथल पिहोवा मार्ग को कुरुक्षेत्र से जोड़ती है। ऐसे ही रेलवे रोड से गुरुद्वारा छठी पातशाही तक की सड़क के दोनों तरफ का एरिया श्याम रंगा होगा।
जबरी से नहीं सहमति से होगी लागू : सुधाने नप प्रशासन संग मिलकर यह योजना तो तैयार की है। लेकिन इसे जबरन नहीं लागू किया जाएगा। इसके लिए बाकायदा सड़कों के दोनों तरफ की मार्केट रिहायशी एरिया के लोगों की सहमति जुटाई जाएगी। इसके लिए प्रयास भी शुरू हो चुके हैं। बुधवार को विधायक ने आंबेडकर चौक, गुरुद्वारा छठी पातशाही, बिरला मंदिर, थर्ड गेट मार्केट, मोहननगर चौक आदि समेत नौ मार्केट एरिया में मीटिंग ली। इन सभी के एसोसिएशन पदाधिकारियों से समर्थन मांगा। इन सभी मीटिंग में सभी एसोसिएशन ने अपनी सहमति भी दी।
कुरुक्षेत्र को मिले अलग पहचान : आंबेडकर मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह प्रदीप झांब एवं आशीष सभ्रवाल कहते हैं कि यह योजना बढ़िया है। इसे पूरा सहयोग दिया जाएगा। हम चाहते हैं कि कुरुक्षेत्र को भी एक यूनिक पहचान मिले। इस प्रयास से बाहर से आने वाले पर्यटकों श्रद्धालुओं को निश्चित ऐसा अहसास होगा कि वे कृष्ण नगरी में हैं।
ढूंढेंगे प्रायोजक, वरना सरकार देगी बजट : योजना तो तैयार हो गई। इसे लेकर दुकानदार आमजन की सहमति भी मिली है। लेकिन अब इसे लागू कैसे करेंगे। बजट कहां से आएगा। विधायक सुधा के मुताबिक पहले प्रायोजक ढूंढे जाएंगे। यदि नहीं मिलते हैं तो वे सीएम मनोहरलाल खट्टर से इसके लिए विशेष बजट स्वीकृत कराएंगे। या विधायक कोटे से बजट देंगे। बुधवार को व्यापारियों संग मीटिंग में पेंट्स के थोक विक्रेताओं को भी बुलाया, जिनमें एक पेंट विक्रेता गोल्डी ने कहा कि वे अपनी कंपनी से इसे लेकर बातचीत करेंगे। उम्मीद है कि कंपनी इस योजना में मदद करेगी।
तो स्काई ब्लू कलर क्यों : स्काई ब्लू यानी आकाश जैसा। श्याम रंग, यही रंग भगवान श्रीकृष्ण का माना जाता है। कुरुक्षेत्र श्रीकृष्ण की जन्मभूमि रही है। सुधा के मुताबिक बाहर से पर्यटक श्रद्धालु यहां महाभारत की धरा देखने, ऐतिहासिक स्थलों और गीता उपदेश स्थली दर्शन एवं पवित्र ब्रह्मसरोवर सन्निहित में स्नान की मंशा से आते हैं।
पर्यटकों में जिज्ञासा रहती है कि उपदेश स्थली महाभारत युद्ध धरा कहां है। पर्यटकों श्रद्धालुओं को यहां आने पर यह अहसास हो कि वे श्रीकृष्ण की नगरी आएं हैं, इसलिए स्काई ब्लू कलर यानी श्याम रंग का चुनाव किया है।
योजना के तहत लोगों, बुद्धिजीवियों से सुझाव मांगे गए। सुभाष सुधा बीजेपी के हैं। ऐसे में भाजपा वर्करों समेत कइयों ने भगवा रंग सुझाया। लेकिन इसे सुधा ने नहीं माना। कारण यदि ऐसा करते तो उन पर भगवाकरण के आरोप लगते।
सहमति बनाने को शुरू हुए प्रयास
पिंक सिटी जयपुर से लिया आइडिया
स्काई कलर से होगा कृष्ण नगरी आने का अहसास
पहले शहर के बीचोंबीच की सड़क पर होगा अमल
भगवा का सुझाव खारिज
विधायक ने नप के साथ मिल तैयार की योजना, पिपली से ज्योतिसर तक मार्केट सार्वजनिक स्थल होंगे स्काई कलर ।