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पंच महासंयोग में बसंत पंचमी, होगी समृद्धि की वर्षा

5 वर्ष पहले
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बसंतपंचमीअबकी बार महासंयोग के साथ आएगा। बसंत पंचमी पर योगों का पंच संयोग सुख और समृद्धि की वर्षा करेगा। इस दिन ध्वज योग, साध्य योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग और रवि योग पड़ रहे हैं। पंच महायोग के संयोग में मां सरस्वती की पूजा-अर्चना विशेष फलदायी कहा गया है। ज्योतिषी पंडित रामराज कौशिक ने बताया कि इस दिन शनि प्रधान उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र है। वहीं चंद्रमा मीन राशि में है, जो कि गुरु प्रधान है। इसे विद्या का कारक ग्रह माना जाता है। ऐसे में इस दिन विद्याध्ययन करने वालों को सरस्वती पूजन से अत्यंत लाभ होगा। पंच महायोग में सरस्वती पूजन के साथ महाकाली की आराधना करने से धन-धान्य, शक्ति और संपन्नता का मार्ग प्रशस्त होगा। देवी भागवत पुराण के अनुसार आद्य शक्ति के तीन रूप महाकाली, महा लक्ष्मी, महा सरस्वती हैं। मनुष्य के कल्याण के लिए भगवती महा सरस्वती का वसंत पंचमी के दिन प्रादुर्भाव हुआ।

पूजाका शुभ समय : 12फरवरी को सुबह 9.18 बजे से पंचमी तिथि प्रारंभ होगी जो कि 13 फरवरी को सुबह 6.41 बजे समाप्त होगी। ऐसे में वसंत पंचमी 12 फरवरी को शास्त्र सम्मत होगा। सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 9.07 बजे से शुरू होकर 13 फरवरी को दोपहर 3.35 मिनट तक रहेगा। 12 फरवरी को रवि योग सुबह 9.07 बजे तक रहेगा।

ऐसेकरें पूजा : सुबहजल्दी उठकर पानी में थोड़ी हल्दी डालकर स्नान करें। फिर मां सरस्वती की श्वेत पुष्पों, केसरिया फूलों से पूजा करनी चाहिए। विद्यार्थियों को ऊँ ऐं महासरस्वत्यै नम: इस मंत्र का जाप करना चाहिए। युवाओं को ऊँ सरस्वत्यै नम तथा व्यापारियों को ऊँ ऐं श्रीं सरस्वत्यै नम: और ऊँ ऐं ह्रीं श्रीं सरस्वत्यै नम: हर वर्ग के लोग जाप कर सकते हैं। मीठे पीले चावल बनाकर सरस्वती का भोग लगाकर सभी को खाना चाहिए।

अबूझ मुहूर्त, कर सकते हैं शुभ कार्य

श्रीदुर्गा देवी मंदिर पिपली के पीठाधीश डॉ. सुरेश मिश्रा ने बताया कि पुराणों के अनुसार इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी। पौराणिक कथा के अनुसार इस दिन भगवान श्री राम ने माता शबरी के झूठे बेर खाये थे। इस उपलक्ष्य में वसंत पंचमी मनती है। इस दिन अबूझ मुहूर्त है। लिहाजा कोई भी शुभ कार्य जैसे सगाई,विवाह, भवन निर्माण, कूप निर्माण, फैक्ट्री आदि का शुभारंभ और शिक्षा संस्थान विश्व विद्यालय आदि की स्थापना की जा सकती है।

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