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किसानों के लिए वरदान साबित हुई बारिश

7 वर्ष पहले
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सर्दीकी पहली बारिश जहां आम जन के लिए मुसीबत है, वहीं किसानों के लिए वरदान साबित हुई है। इस समय किसानों की गेहूं की फसल को पानी की जरूरत है और बारिश से गेहूं में फुटाव बढ़ेगा।

किसान राजकुमार, ईश्वर सिंह फरल, जगदीश जडौला, सुशील राणा, विक्रम सिंह, लक्खा सिंह ने बताया कि इस समय गेहूं के अलावा टमाटर, आलू मटर की फसल को पानी की जरूरत हर 15 से 20 दिनों के अंतराल पर पड़ती है। गेहूं को 30 दिन बाद पानी की जरूरत पड़ती है।

ऐसे में बारिश का होना फसलों के लिए रामबाण साबित होगा। उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने आज-कल में खेत में पानी लगाया है, उन खेतों में नुकसान हो सकता है, वहीं जिन किसानों ने खरपतवार दवाई का आज ही छिड़काव किया है, उस दवाई का असर कम हो सकता है।

जिंक सल्फेट का करें छिड़काव

कृषिविकास अधिकारी डॉ. चंद्रप्रकाश ने कहा कि यह बारिश गेहूं समेत अन्य फसलों के लिए रामबाण साबित होगी। जिन किसानों की गेहूं की फसल अधिक पानी से पीली पड़ गई है, उन किसानों को चाहिए कि उस खेत में 500 ग्राम जिंक सल्फेट को अढ़ाई किलोग्राम यूरिया में मिलाकर छिड़काव करें तो गेहूं का पीलापन दूर हो जाएगा। अगले दो दिनों तक बारिश के होने के आसार बने हैं।

दिन भर चली शीत लहर

राजौंद|मंेशनिवार सुबह हुई हल्की बूंदाबांदी ने मौसम में ठंडक के एहसास को ओर बढ़ा दिया। आम जनता को ठंड के चलते अपने घरों में दुबकने के लिए विवश कर दिया। दिन भर चली शीत लहर से जहां हर कोई ठिठुरता नजर रहा था वहीं अधिकतर लोग अलाव को ही एकमात्र सहारा मानकर आग सेकते नजर आए। दिन भर चली शीत लहर के साथ साथ सूर्य देव भी नजर नहीं आए। इसके चलते सर्दी ओर भी प्रभावशाली नजर आई।

राजौंद | पूंडरी चौक पर बूंदाबांदी का दृश्य।

गुहला चीका|पिछले कुछदिनों से कम सर्दी पड़ने से गेहूं की फसल ग्रोथ नहीं कर रही थी। अब ठंडी हवाओं के साथ-साथ हल्की बूंदाबांदी से गेहूं की फसल को फायदा हुआ है। किसान राजेश और मित्रसेन ने बताया कि इस समय गेहूं की फसल को ठंड की काफी जरूरत थी, नतीजतन दिसंबर माह के दूसरे सप्ताह के शुरू हो जाने के बाद भी जब ठंड का प्रकोप नहीं बढ़ा तो उनके चेहरे पर चिंता की लकीरें उभरने लगी थी क्योंकि इस समय गेहूं की फसल को नमी चाहिए थी जो कि मौसम से ही प्राप्त हो सकती थी। किसानों ने बताया कि आज की बरसात से फसल को काफी लाभ होगा और उन्हें उम्मीद