माता के जयकारों से भक्तिमय हुआ वातावरण
पांचवेंनवरात्रेपर नगर के मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा जय माता दी के जयकारों ने वातावरण को पूरी तरह से भक्तिमय बना दिया। नवरात्रों के पावन अवसर पर मंदिरों को खूब सजाया हुआ है।
नवरात्रों के चलते मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा तथा मंदिर में चल रहे भक्ति गीत माहौल को ओर भी भक्तिमय करने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। श्रद्धालुओं द्वारा नवरात्रों के पांचवें दिन नवदुर्गा के पांचवें रूप में मा स्कंद माता की पूजा अर्चना की गई। प्राचीन काल से मान्यता चली रही है कि जो साधक नवरात्र का व्रत कर अष्टमी के दिन कन्याओं की पूजा कर उन्हें श्रद्धापूर्वक भोजन कराते हैं, मां भगवती उन पर अपना पूर्ण हाथ रखती है।
मां बगलामुखी दुष्टों का संहार करने वाली हैं : रमेश पंडित
पूंडरी | फतेहपुरमें स्थित काली माता मंदिर में स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित विश्व शांति हेतु शतचंडी बगला मुखी महायज्ञ के पांचवें दिन देव मंत्रों द्वारा आहुति डलवाई गई। यज्ञ के आचार्य पंडित रमेश कुमार ने बताया कि यह यज्ञ हर वर्ष किया जाता है। मां बगला मुखी दुष्टों का संहार और किसी भी युद्ध में विजय दिलवाने वाली है। बगला मुखी मां की आराधना करने वाला कभी भी जीवन में कष्ट नहीं उठा सकता है। मां को प्रसन्न करने के लिए यज्ञ से अधिक सरल उपाय कोई नहीं है। इस मौके पर ओमप्रकाश, पवनकुमार, रामफल, रमेश प्रेम कुमार भी मौजूद थे।