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झोलाछाप डाॅक्टर कर रहे लोगों के जीवन से खिलवाड़
ग्रामीणक्षेत्रोंमें बिना जांचे परखे स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े तथाकथित चिकित्सकों द्वारा भोलेभाले ग्रामीणों को नशीली दवाएं देकर उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। कुछ जागरूक ग्रामीणों ने बताया कि खांसी एलर्जी के इलाज के लिए मरीजों को सीरप देकर एक तरह से इन्हें नशे की लत में झोंकने के अलावा कई बीमारियां भी परोसी जा रही है। ऐसे चिकित्सकों पर अंकुश लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा कार्रवाई किए जाने से इनके हौंसले बुलंद हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप चिकित्सक जहां मरीजों को नशे का आदि बनाया जा रहा है, वहीं इससे उन्हें खतरनाक बीमारियां परोसी जा रही है। दवा कंपनियों के विक्रय प्रतिनिधियों के साथ मिलीभगत कर ज्यादातर डाक्टर मरीजों को महंगे सीरप देते हैं।
लोगों ने बताया कि आमतौर पर सीरप छोटे बच्चों को इसलिए दिया जाता है, क्योंकि वे गोली कैप्सूल आदि नहीं खाते, लेकिन डाॅक्टर अब यह सीरप सभी मरीजों को लिख देते हैं। क्षेत्र के जाने-माने चिकित्सक डाॅ. देवेंद्र सैनी ने बताया कि खांसी, दर्द निवारक एलर्जी के सभी सीरप नशा युक्त होते हैं। इनके लगातार सेवन से जहां मरीज नशे का आदि बन जाता है। दवा के असर से उनकी कार्यशैली भी प्रभावित होती है। इसके अलावा इनके ज्यादा सेवन से छाती सांस की बीमारी ठीक होने की बजाय गंभीर रूप धारण कर लेती है। खांसी सांस की एलर्जी होने पर जरूरत से ज्यादा मात्रा में लिया गया सीरप बलगम को छाती गले में सूखाकर जमा देता है जिससे रेग का स्थाई उपचार नहीं हो पाता।