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ट्रैक्टर पर बंधे बिजली के खंभे बन रहे हैं दुर्घटनाओं का कारण
सड़कोंपरदिन-प्रतिदिन बढ़ रहे यातायात और लापरवाही के कारण जहां दुर्घटनाओं में वृद्धि हो रही हैं। वहीं सड़कों पर बेलगाम दौड़ रहे ट्रैक्टर भी दुर्घटनाओं का सबब बन रहे हैं। कुछ समय पहले तक ट्रैक्टर का प्रयोग केवल कृषि कार्यों के लिए किया जाता था, परंतु अब ट्रैक्टर का प्राइवेट कार्यों में धड़ल्ले से प्रयोग किया जा रहा है। सड़कों पर नजर दौड़ाई जाए तो ट्रैक्टरों की काफी संख्या होती है। कहीं ट्रैक्टर-ट्राॅली में रेत-मिट्टी ढोई जा रही है तो कहीं ट्रैक्टर के पीछे बांधकर बिजली के खंभे ढोए जा रहे हैं। इन ट्रैक्टरों के चालक अपने वाहन को तेज आवाज में डेक चलाते हुए तेज गति से दौड़ाते हैं जिससे हर समय दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। ट्रैक्टर के पीछे बिजली के खंभे बांधकर ढोने से जहां सड़क खराब होती है। वहीं अनेक वाहन भी दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। अनेक दुपहिया वाहन चालकों ने बताया कि इन ट्रैक्टरों के चालक जहां यातायात नियमों की उल्लंघना करते हैं। वहीं वे पीछे से आने वाले वाहनों को आगे निकलने हेतु साइड भी नहीं देते। कई बार आगे निकलने की होड़ में वाहन खंभों पर भी चढ़ जाते हैं, जिससे वाहन चालक दुर्घटना का शिकार होकर चोटिल हो जाते हैं। लोगो ने मांग की है कि इस प्रकार ट्रैक्टरों के पीछे खंभे बांधकर ढोने पर प्रतिबंध लगाया जाए ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लग सके।
सुरक्षित नहीं पीछे बांधना
^विभागकी ओर से किसानों को पहले भी निर्देश दिए है कि वे खंभों को ट्रैक्टर के पीछे बांधकर ले जाएं, अपितु इन्हें उचित साधनों में ही ले जाएं। सड़क हादसे में भी कमी आएगी। जीआरतंवर, कार्यकारी अभियंता, बिजली विभाग।
ऐसे कटेगा चालान
^ऐसेट्रैक्टर चालकों को आगाह किया कि वे बिजली के खंभों को इस प्रकार अपने ट्रैक्टर के पीछे बांधकर लेकर जाएं, अन्यथा नियमानुसार उनके चालान काटे जाएंगे। मनदीपसिंह, चौकी प्रभारी।
पंूडरी: बिजली के खंभे बांधकर सड़क पर दौड़ता एक टै्रक्टर।