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तहसीलदार होने के कारण नहीं हो पा रही ऑनलाइन रजिस्ट्री

6 वर्ष पहले
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चारफरवरीको भूमि की रजिस्ट्री का कार्य कंम्प्यूटरीकृत तो कर दिया गया पर सिस्टम में कमी, कम स्टाफ तहसीलदार की स्थाई नियुक्ति होना इसमें सबसे बड़े बाधक बने हैं। करीब एक सप्ताह से रजिस्ट्री कराना लोगों के लिए जी का जंजाल बना है।

समस्या के चलते तहसील से संबंधित अन्य कार्य भी प्रभावित हैं। वसीयत, इंतकाल, प्रमाणपत्र जैसे छोटे छोटे कार्यों के लिए भी लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। भूमि की रजिस्ट्री के लिए एनरोल करने के लिए 9 से 1 बजे तक का समय निर्धारित है उसके पश्चात ही रजिस्ट्री का आॅनलाइन कार्य आरंभ होता है। ई-रजिस्ट्री कराने में क्रेता विक्रेता, नंबरदार, गवाह तहसीलदार की फोटो एक साथ खींचे जाते हैं। कलायत में तहसीलदार की नियुक्ति होने के कारण इस कार्य को पूरा करने में सबसे बड़ी दिक्कत है। फिलहाल कलायत का चार्ज नायब तहसीलदार प्रकाशचंद पर है पर वे स्थाई तौर से पूंडरी में नियुक्त हैं। रजिस्ट्री में दोनों ही जगह उनकी आवश्यकता है, रजिस्ट्री की एनरोलमेंट में उनका होना जरूरी है तथा कलायत पूंडरी दोनों ही जगह एनरोलमेंट का समय है जिसके कारण उनके लिए भी भारी समस्या है। लोगों की मांग है कि कलायत में तहसीलदार की मौजूदगी को सुनिश्चित किया जाए सिस्टम को ठीक कर स्टाफ की कमी को पूरा किया जाए ताकि रजिस्ट्री संबंधी कार्यों में उनको दिक्कत आए।