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यूपी सीमा पर हो रहे पटरी निर्माण को लेकर भड़के किसान,रोका काम
केंद्रीयजलआयोग दिल्ली के प्रतिबंध के बावजूद उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा यमुना नदी पार पटरी बनाए जाने पर बुधवार को हरियाणा प्रदेश की सीमा में लगते क्षेत्र के किसान भड़क उठे। किसान नेता जिला परिषद सदस्य शिवकुमार संधाला के नेतृत्व में किसानों ने यमुना नदी पार जाकर पटरी बनाने का कार्य बंद कराया। सूचना पाकर नुक्कड (उत्तरप्रदेश) की एसडीएम सी इंदूमति, थाना नुक्कड प्रभारी देवेंद्र सिंह बिष्ट, तहसीलदार नुक्कड अनिल कुमार कटियार, लेखपाल देवेंद्र शर्मा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान यमुना नदी पार उत्तरप्रदेश हरियाणा के कुछ किसान पटरी बनाने को लेकर आपस में उलझ पड़े। लेकिन एसडीएम नुक्कड सी इंदूमति ने उत्तरप्रदेश हरियाणा के किसानों को समझा-बुझाकर अलग किया और पटरी बनाने का कार्य बंद कराया। इसके बाद मौके से चार जेसीबी मशीनों और लगभग 30 ट्रैक्टर ट्रॉलियों को एसडीएम ने मौके से जाने के आदेश दिए। इस दौरान जिला यमुनानगर प्रशासन का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। बाद में सूचना पाकर नायब तहसीलदार रादौर जयपाल संधू, कानूनगो रादौर अन्य कर्मचारी थाना जठलाना प्रभारी निर्मल सिंह के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक विवाद समाप्त हो चुका था।
किसान नेता जिला परिषद सदस्य शिवकुमार संधाला, प्रदीप सिंह, सुशील कुमार, शिवदयाल, मोंटी, श्रवण कुमार, महीपाल नंकुभ, करण सिंह नंकुभ ने बताया कि उत्तरप्रदेश सरकार ने यमुना नदी पार मंधौर से नस्रूलागढ़ तक पटरी बनाने का कार्य शुरू किया हुआ है। यह पटरी बनने से बाढ़ आने पर जठलाना क्षेत्र के लगभग 40 गांवों के अस्तित्व को खतरा पैदा हो गया है। उत्तरप्रदेश सरकार हरियाणा के किसानों की भूमि पर यमुना नदी की लगभग 30 फुट ऊंची पटरी बना रही है। इससे किसानों में आपसी टकराव नहीं होगा। उधर, उत्तरप्रदेश के गांव टाबर निवासी ने बताया कि यूपी सरकार यमुना नदी की बाढ़ से उत्तरप्रदेश के लोगों को बचाने के लिए पटरी बनवा रही है।