बस सर्विस होने से ग्रामीण परेशान
क्षेत्रकेगांव में नाममात्र की लोकल बस सेवा है। अधिकतर गांव में लोकल बस सेवा काफी समय से बंद पड़ी हैं। जिसे शुरू करवाने के लिए गांव के लोग वर्षों से मांग करते रहे हैं। लेकिन सरकार जनता की मांग पर ध्यान नहीं दे रही है। जिस कारण निजी वाहन को सहारा लेने को मजबूर हैं।
जिला परिषद सदस्य शिवकुमार संधाला, जसमेर बरसान, संघर्ष समिति रादौर के प्रधान अमरसिंह कांबोज ने बताया कि रादौर-जतलाना मार्ग पर वर्षों से लोकल बस सेवा नहीं हैं। दस साल पहले बस सर्विस बंद हुई थी। जिस कारण जतलाना से रादौर पहुंचने के लिये सैकडों लोग प्रतिदिन निजी वाहनों से आते हैं। सबसे अधिक परेशानी विद्यार्थियों को उठानी पड़ रही हैं। किसान नेता विजय मेहता ने कहा कि गांव घिलौर से यमुनानगर तक लोकल बस सेवा है। लेकिन बस सेवा सारे दिन एक बार ही सेवा देती है। किसान नेता ने मांग की कि प्रशासन घिलौर-यमुनानगर बस सेवा में अतिरिक्त बस सेवा में वृद्धि की जाए। रादौर-यमुनानगर वाया झगूड़ी सड़़क मार्ग पर लोकल बस सेवा लगभग साल पहले बंद कर दी गई हैं। जिस कारण इस सड़़क मार्ग पर बकाना, बैंडी, पलाका, खजूरी, झगूड़ी, हरनौल गांव के हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। ग्रामीण कई बार बस चलाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन किसी ने मांग को पूरा नहीं किया। जिला कष्ट निवारण समिति के सदस्य प्रीति लाल बकाना ने बताया कि समिति की बैठक में इस मार्ग पर बस सेवा पुन: बहाल करने के लिये मांग उठाई थी। लेकिन प्रशासन ने अभी तक मांग को पूरा नहीं किया।
रादौर-गुमथला बस सेवा भी काफी समय पहले बंद कर दी गई हैं। जिससे लगभग 15 गांव के हजारों लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही हैं। क्षेत्र के लोगों ने सरकार प्रशासन से बंद की गई बस सेवा को पुन: बहाल करने की मांग की हैं।
उधर, रादौर सरपंच एसोसिएशन के प्रधान कर्मबीर खुर्दबन बताया कि पंचायतों ओर से कई बार प्रशासन को लोकल बस सेवा को चलाने बारे प्रस्ताव पास करके दिया गया। लेकिन पंचायतों की मांग पूरा नहीं किया गया।