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बेटियां बेटों से ज्यादा पढ़ती हैं फिर उन्हें मारते क्यों हैं: सैनी
ग्रामपंचायतफतेहगढ़ की ओर से गांव की आंगनवाड़ी में सामजिक बुराइयों को दूर करने को लेकर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में गांव के सरपंच गुरनाम सिंह सैनी मुख्यातिथि के तौर पर मौजूद थे। गोष्ठी में साक्षर महिला समूह, आंगनवाड़ी वर्कर आशा वर्कर सहित सैकड़ों महिलाओं ने भाग लिया। गोष्ठी में कन्या भू्रण हत्या, नशाखोरी, दहेज प्रथा, साफ सफाई, पीने के पानी का दुरुपयोग रोकने पर अपने विचार प्रकट किए गए। इस अवसर गोष्ठी में महिलाओं ने सामाजिक बुराइयों को दूर करने को लेकर संकल्प लिया।
गुरनाम सिंह ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या समाज के ऊपर एक कलंक है। इस बुराई के कारण आज समाज में बेटियों की संख्या निरंतर कम होती जा रही है। लड़के लड़की के अनुपात में भारी अंतर गया है। बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं होती। आज बेटियां भी पढ़ लिखकर अपने परिवार का नाम रोशन कर रही है। दहेज प्रथा जैसी बुराई के कारण समाज टूट रहा है। हमें इस बुराई का डटकर विरोध करना चाहिए। गांव में नलों को खुला नहीं छोड़ना चाहिए। व्यर्थ पानी बहाना पानी का दुरुपयोग है। यह बंद होना चाहिए। साफ सफाई समय की मांग है। साफ सफाई के बिना हम स्वस्थ रहने की कल्पना नहीं कर सकते। गंदगी के कारण भयंकर बीमारियां पनपती है। इसलिए हमें हर हाल में अपने आसपास के वातावरण को साफ सुथरा रखना चाहिए। मौके पर आंगनवाड़ी वर्कर कमलेश रानी, महिला समूह की प्रधान मीना देवी, अनिता रानी, श्यामो देवी, सलोचना देवी, पंच सदस्य श्याम सिंह, संजय कुमार, बंसी लाल, सूरज सैनी, अमित कुमार, सेवादार बलबीर सिंह, शीशपाल उपस्थित थे।