हर मार का शिकार हो रहे हैं किसान
राजौंद|किसान वर्गकी पहले तो कपास धान की फसल की कीमतों में आई कमी ने कमर तोड़ कर रख दी थी, ऊपर से अब गेहूं की फसल में पहली सिंचाई कर चुके किसान को यूरिया खाद को लेकर दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं। इतना नहीं जिस किसान को यूरिया खाद की आवश्यकता भारी मात्रा में है, वे किसान तो सरकार व्यापारी के रहमों कर्म के सहारे ही अपनी गेहूं की फसल को खाद के इंतजार में प्रभावित होते हुए देखने को विवश हैं। इतना ही नहीं सरकार और कृषि विभाग आए दिन व्यापारियों के गोदामों पर खाद के छापेमारी कर किसान को गुमराह करने के प्रयास में लगे हुए हैं। क्या सरकार अौर प्रशासन यह नहीं जानते की किस शहर में यूरिया खाद की कितनी आपूर्ति की है। किसान मन मोहन, राधेश्याम, जय प्रकाश, राजेंद्र, रणदीप, भीम सिंह, रामपाल, मदन लाल, धर्मवीर ने बताया की प्रशासन सरकार सब कुछ जानते हुए भी अनजान बनकर किसान को बर्बाद होते देख रहे हैं। इन किसानों ने कहा की अगर सरकार प्रशासन चाहते तो तो किसान की फसल के दाम इतने गिरते और ही यूरिया की कमी होती। किसानों ने मांग करते हुए कहा की जल्द से जल्द यूरिया की आपूर्ति कर किसान को खाद उपलब्ध कराया जाए, ताकि किसान की फसल प्रभावित होने से बच सके।