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सेरधा में लोहे के खंभों से हो रहे हैं हादसे

7 वर्ष पहले
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खंडकेगांव सेरधा की चेता पट्टी में लगे लोहे के खंभों से कई हादसे हो चुके हैं। लेकिन विभाग ने आज तक इन खंभों को बदलना उचित नहीं समझा। खंभे बदलने से खफा होकर गांव सेरधा के लोगों ने निगम के प्रति गहरा रोष प्रकट किया।

चेता पट्टी निवासी रमन, राजबीर, रामबीर, नफा, अशोक, शेरा, बिंद्र, सोनू वर्मा ने बताया कि चेता पट्टी में चार जगह लगे लोहे के खंभों पर आज भी बिजली की तारों का जाल बिछा हुआ है। जिन्हें लेकर हर समय ग्रामीणों को भय बना रहता है। इतना ही नहीं कुछ दिन पहले एक सांड खंभे में आए करंट की चपेट में बाल-बाल बचा। वहीं चेता पट्टी की चौपाल के पास खंभे में बिजली का करंट आने से बच्चे बाल-बाल बच गए। इन लोगों ने बताया कि सरकार प्रशासन के आदेशानुसार जहां-जहां लोहे के खंभे लगे हुए हैं उनके स्थान पर सीमेंट युक्त खंभे लगाने का आदेश काफी लंबे समय से दिया हुआ हैं। सरकार प्रशासन के आदेश केवल कागज फाइलों तक ही सिमटकर रह गए हैं। आए दिन घट रही घटनाओं में कई पशु करंट लगने से बिना आई मौत की भेंट चढ़ रहे हैं ओर इन लोहे के खंभों में तो इन दिनों करंट आना आम बात हो गई। उन्होंने बताया कि गांव के अन्य स्थान पर भी तालाब के किनारे लोहे के खंभे लगे हुए है। जहां पशुओं की सुरक्षा को लेकर वह कई बार इन लोहे के खंभों को लेकर भयभीत हो जाते हैं और थोड़ी सी बरसात भी हो जाए तो इन लोहे के खंभों में करंट आना आम बात है। इन लोगों की प्रशासन से मांग है कि इन लोहे के खंभों को बदलकर उनके स्थान पर सीमेंट युक्त खंभे लगाए जाए।

राजौंद | निगमके प्रति गहरा रोष प्रकट करते गांव सेरधा के लोग। (दाएं) हादसे को निमंत्रण देता लोहे का खंभा।