कर्मचारियों ने सरकार पर निकाला गुस्सा
अध्यापक बोले, प्रशिक्षण शिविर के नाम पर की जा रही समय की बर्बादी
खट्टरसरकार से खफा हरियाणा कर्मचारी महासंघ की स्थानीय इकाई ने मंगलवार को लघु सचिवालय के सामने 2 घंटे का सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया। सुबह 11 बजे एकत्रित कर्मचारियों ने डीसी कार्यालय के सामने बैठकर धरना दिया सरकार की नीतियों का विरोध करते हुए रोष प्रदर्शन किया। कर्मचारी वर्ग ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों की ओर ध्यान नहीं दिया गया तो महासंघ बड़े आंदोलन का रूख तैयार करने को मजबूर होगा।
कर्मचारी नेताओं ने प्रदेश सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने लंबे समय तक संघर्ष कर पिछली सरकार से कुछ मांगे मनवाई थी। नई सरकार ने कर्मचारियों को फायदा देना तो दूर पूरी की गई मांगों को भी वापिस लेने का कार्य किया है। यही कारण है कि प्रदेश का प्रत्येक कर्मचारी वर्ग सरकार से खफा है। सरकार ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में कर्मचारियों से जो वायदे किए थे वो भी पूरे नहीं किए। इस मौके पर कर्मचारी नेताओं ने शर्म कानूनों में मजदूर विरोधी संशोधनों, बिजली विभाग के निजीकरण, रोड ट्रांसपोर्ट एवं सेफ्टी बिल 2014 , रेलवे रक्षा में एफडीआई का बढ़ावा देने के फैसले की निंदा करते हुए उसे जनविरोधी बताया।
साथ ही उन्होंने कहा कि कर्मचारी महासंघ 26 फरवरी को पूरे देश में किए जा रहे सत्याग्रह आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेगा। महासंघ पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने उनकी मांगों की ओर ध्यान नहीं दिया तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस मौके पर जिला प्रधान आत्माराम सहारण, मुख्य राज्य प्रेस प्रवक्ता विजय पाल जाखड़, गुरतेज सिंह बराड़, प्रताप सिंह जाखू, भजन लाल, पवन कुमार, रामकिशन, राजमंदर, हरवंस, जीत सिंह, मेहर सिंह, मनोज कुमार, रामकुमार चूरनियां, श्यामलाल उपस्थित थे।
लघु सचिवालय में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते कर्मचारी।
बड़ागुढ़ा के राजकीय स्कूल में परीक्षण शिविर का विरोध जताते अध्यापक।