90%ट्रैक्टरों का बीमा नहीं, 80% चालकों के पास नहीं लाइसेंस
90फीसदी ट्रैक्टरों का बीमा नहीं और 80 फीसदी ट्रैक्टर चालकों के पास लाइसेंस नहीं है, जिसका खमियाजा रोड पर चलने वाले आम वाहन चालकों लोगों को उठाना पड़ता है। इसको लेकर जिला पुलिस ने जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। पुलिस ने गांव-गांव जाकर ग्रामीणों को जागरूक करने का निर्णय लिया है। पुलिस लोगों को जागरूक करेगी कि वे अपने ट्रैक्टरों का बीमा करवाए और चालक लाइसेंस बनवाएं।
पुरानाट्रैक्टर खरीद तो लेते है नहीं करवाते नाम
आमतौरपर लोग पुराने ट्रैक्टर अपने नाम करवाने की बजाय, खरीद बेच का शपथ पत्र ले लेते हैं। ट्रैक्टर बार बार बिकता रहता है लेकिन अधिकांश खरीदार ट्रैक्टर को अपने नाम नहीं करवाते। ऐसा लगातार चलता रहता है। यहां तक कि अधिकांश लोग पुराने ट्रैक्टरों का बीमा नहीं करवाते। चालक अपना लाइसेंस बनवाने से गुरेज करते हैं। घटना होने पर चालक ट्रैक्टर को छोड़कर भाग जाता है। हादसे के बाद पुलिस ट्रैक्टर को जब्त कर लेती है। असली मालिक के अभाव में ट्रैक्टर की सुपर दारी भी नहीं करवाते। अब पुलिस ऐसे लोगों को जागरूक करेगी कि वे ट्रैक्टर को खरीदने के बाद अपने नाम करवाए और बीमा करवाए। लोग ट्रैक्टर चलाने के लिए भी लाइसेंस बनवाएं। ऐसे में पहले लोगों को जागरूक किया जाएगा। यदि लोग इस पर गौर नहीं करेंगे तो इस पर कार्रवाई की जाएगी। बिना लाइसेंस के ट्रैक्टर चलाने वालों पर पुलिस शिकंजा कसेगी ताकि हादसों में कमी आए। ज्यादातर हादसे ट्रैक्टर ट्राली के कारण होते है। क्षेत्र में अब तक ऐसे ही हादसों में दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है।
रतिया। अनाज मंडी में खड़े ट्रैक्टर।
हादसे में यदि किसी 25 से 35 साल तक के व्यक्ति की मौत होती है तो दोषी चालक पर 25 लाख से 2 करोड़ रुपये तक का क्लेम हो सकता है। पुलिस इसलिए लोगों को जागरूक करेगी कि वे बीमा जरूर करवाएं। बीमा लाइसेंस के अभाव में चालकों से क्लेम वसूला जा सकता है।
एसपी ओपी नरवाल ने कहा कि क्षेत्र में काफी ट्रैक्टरों का बीमा नहीं है और चालक बिना लाइसेंस के ट्रैक्टरों को चला रहे हैं। ऐसे में लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाएगा ताकि वे लाइसेंस बनवाएं और उनका बीमा करवाएं।