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जिले भर में खाद की अव्यवस्था पर जताया किसानों ने रोष

7 वर्ष पहले
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शहरकी नई अनाज मंडी स्थित को ऑपरेटिव सोसायटी कार्यालय पर खाद लेने आए किसानों बलराज, कुलदीप नैन, भीरा राम, दर्शन कनहड़ी, रमेश, सर्वजीत, देवीलाल मनमोहन आदि ने मांग की कि किसानों को उनकी जमीन के मुताबिक प्रति एकड़ तीन बैग दिए जाएं अन्यथा उनकी गेहूं की फसल खराब हो जाएगी। वहीं दूसरी ओर यूरिया खाद मिलने से परेशान किसानों ने गांव समैण में हिसार चंडीगढ़ सड़क मार्ग पर जाम लगा दिया।

सूचना मिलते ही थाना सदर प्रभारी कृष्ण कुमार ने मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाया तथा कृषि अधिकारियों से बातचीत कर आश्वासन दिया कि उन्हें शीघ्र खाद मिल जाएगी। इस पर किसानों ने करीब दो घंटे के बाद जाम खोला। किसान सतवीर, नरेश, राजवीर, जसमेर, राजेंद्र, बलजीत, सतपाल कुलदीप आदि ने बताया कि पहले तो धान के दामों में आई कमी ने उनकी कमर तोड़ कर रख दी अब समय पर यूरिया खाद नहीं मिल रही है। दूसरी ओर12 दिसंबर को करेगे डीसी का घेराव

रतिया।यूरियाखाद की किल्लत को लेकर किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। समस्या इतनी है कि खाद लेने के लिए किसान सुबह पांच बजे ही लाइनों में लग जाते हैं। ज्यादातर किसानों को बिना खाद लिए ही लौटना पड़ रहा है। बुधवार को अनाज मंडी में खाद मिलने से खफा किसानों ने प्रदेश सरकार कृषि विभाग के खिलाफ रोष जताया। उनका कहना था कि खाद मिलने के कारण उन्हें परेशानियां हो रही हैं। किसान सभा ने समस्या को लेकर 12 दिसंबर को डीसी का घेराव करने की चेतावनी दी है।

नागपुरमें भी परेशान रहे किसान

गांवनागपुर में भी खाद को लेकर किसानों को परेशानियां हो रही हैं। किसान बलजिंद्र सिंह, मिठू सिंह, महेंद्र सिंह, धर्मपाल, सुरजीत ने कहा कि सोसायटी में उनकी बैंक लिमिट है। बैंक के साथ आसपास के दर्जनों गांव जुड़े हुए हैं। खाद प्रत्येक किसान को चाहिए। जैसे ही खाद का पता चला तो सभी किसान पहुंच गए। उन्होंने कहा कि ज्यादातर किसान खाद से वंचित रह गए। इस कारण किसानों ने रोष जताया।

सुबह पांच बजे आए फिर भी नहीं मिली खाद

फतेहाबाद | गांवगोरखपुर में भी खाद काे लेकर खूब मारामारी रही। सुबह जैसे ही लोगों को सूचना मिली कि गांव की सहकारी समिति कार्यालय में यूरिया खाद के बैग आए हैं काफी तादाद में लोग पहुंच गए। इनमें से कुछेक तो ऐसे थे जोकि सुबह 5 बजे ही कार्यालय के बाहर जाकर बैठ गए। कुछ घंटों के बाद जब खाद बांटनी