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5 किलोमीटर की साइकिल रेस में रतिया की सोना ने बाजी मारी

7 वर्ष पहले
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63 साल की ओमवती भी चाहती थी दौड़ना

महिलाएवं बाल विकास विभाग की ओर से आयोजित महिला खेलकूद प्रतियोगिताएं में भाग लेने की इच्छा लेकर आए 63 वर्षीय ओमवती को अधिकारियों की ओर से मौका नहीं मिला। वृद्धा अधिकारियों के सामने खेलने का मौका देने की मनुहार करती रही, लेकिन किसी ने सुनी नहीं।

यह घटनाक्रम बुधवार को विभाग द्वारा गुरुद्वारा साहिब के ग्राउंड में करवाई गई खेलकूद प्रतियोगिता का है। यहां लड़कियों और महिलाओं के बीच कई तरह के मुकाबले करवाए गए। इन्हीं मुकाबलों में हिस्सा लेने के लिए 63 वर्षीय वार्ड नंबर 5 की ओमवती भी आई। उसने खेल मुकाबलों में हिस्सा लेने की इच्छा जताई और प्रतिभागियों की लाइन में भी लग गई। जब अधिकारियों की उन पर नजर पड़ी तो अधिकारियों ने उसे ओवर ऐज बताते हुए मुकाबलों से बाहर कर दिया। बुजुर्ग महिला ओमवती ने कहा कि उसे बचपन से ही खेलों का शौक है और वह लंबे समय से बुजुर्गों के मुकाबलों में भाग लेती रही है और कई बार जीत भी हासिल की है।

उसने दौड़, मटका रेस, आलू रेस अन्य मुकाबलों में भाग लेना था, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि उसकी उम्र ज्यादा है, इसलिए वह भाग नहीं ले सकती। महिला ने बताया कि बाकायदा उसने अधिकारियों से यह भी कहा कि वह उम्रदराज होने के कारण किसी प्रकार की कोई छूट नहीं लेना चाहिए, बल्कि अपनी उम्र से कम उम्र की प्रतिभागियों के साथ मुकाबला करेगी। उसने यह भी दलील दी कि वह शारीरिक रूप से फिट है और किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है।

ओमवती।

उम्र ज्यादा थी : सीडीपीओ

सीडीपीओ सूची बजाज का कहना है कि वृद्धा की उम्र ज्यादा है, इसलिए वह लड़कियों महिलाओं के मुकाबलों में भाग नहीं ले सकती। वह भाग लेना चाहती थी, लेकिन उम्रदराज होने के कारण वे नियमों से बाहर नहीं जा सकते, इसलिए उसे प्रतियोगिता में भाग लेने से रोका गया।

दौड़ में भाग लेती नव विवाहिता।

महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रतियोगिता में साइकिल रेस लगाती प्रतिभागी।