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किसानों ने धान की बोली का बायकाट किया, नारेबाजी कर मंडी से उठाई फसल

7 वर्ष पहले
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अनाजमंडी में धान की खरीद प्रक्रिया में निजी खरीद एजेंसियों की मनमाने रवैये से खफा होकर किसान रविवार को बिफर गए। गुस्साए किसानों ने धान की बोली का काम बंद करवा दिया और निजी खरीद एजेंसियों व्यापारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष का इजहार भी किया। किसानों ने बोली का काम बंद करवा कर मंडी से अपनी धान की फसल उठानी शुरू करवा दी। किसानों ने चेतावनी भी दे डाली कि कहा कि अगर खरीद एजेंसियां मनमानी करेंगे तो उनके खिलाफ सोमवार को रोड जाम करेंगे। मंडी से फसल ले जाने नहीं देंगे।

प्रदर्शनकारी किसानों में शामिल किसान पंकज मक्कड़, गुरमुख, परमजीत, हरपाल, गुरविंद्र और जीत सिंह ने कहा कि मंडी में निजी खरीद एजेंसियों के लोग उनकी धान को हल्की किस्म की बता कर सस्ती खरीद रहे हैं। धान सूखा होने के बावजूद कटौती लगाई जा रही है। आसपास की मंडियों में धान 3000 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है लेकिन रतिया में मात्र 2000 से 2400 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीद जा रहा है। व्यापारी और एजेंसियों के लोग आपस में मिलीभगत कर किसानों का धान कौड़ियों के भाव खरीदा जा रहा है। इससे किसान परेशान हो गए हैं और कुछ किसान तो अपनी फसल को वापस भी ले जा चुके हैं। बाद में किसानों ने इस समस्या को लेकर मार्केट कमेटी के सचिव सुरेंद्र कुमार से भी मुलाकात की।

नहीं उतरी अभी सरकारी एजेंसियां

फतेहाबाद। धान की आवक तेज होने लगी है लेकिन अभी तक जिले की किसी भी मंडी में सरकारी खरीद एजेंसियां धान की खरीद करने के लिए आगे नहीं आई हैं। फिलहाल निजी खरीद एजेंसियां ही धान की खरीद कर रही हैं। हालांकि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भी सरकार को निर्देश जारी किए हैं कि वे सरकारी खरीद एजेंसियों को धान की खरीद के लिए मंडियों में उतारें।

रतिया। अनाज मंडी में निजी अजेंसियो द्वारा सस्ता धान खरीदने पर नारेबाजी कर रोष जताते किसान।